दामाद के बाद बेटी ने दिया रामविलास पासवान को झटका, हाजीपुर से लड़ेंगी चुनाव

पटना, (मैट्रो नेटवर्क)। दामाद के बाद बेटी ने लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के अध्यक्ष रामविलास पासवान को झटका दिया। राम विलास पासवान की बेटी आशा पासवान ने वीरवार को ऐलान किया कि अगर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) उन्हें टिकट देगा तो 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में अपने पिता के खिलाफ हाजीपुर से चुनाव लड़ेंगी। साथ ही आशा पासवान ने पिता रामविलास पासवान पर आरोप लगाया कि वह सिर्फ अपने बेटे और बिहार के जमुई से सांसद चिराग पासवान को ही प्रमोट करने में लगे हुए हैं। बेटी को नजरअंदाज कर रहे हैं। आशा ने कहाकि मेरे पिता ने हमेशा बेटियों के साथ भेदभाव किया है। आशा ने बताया कि मुझे उपेक्षित किया गया जबकि चिराग को एलजेपी पार्लियामेंट्री का नेता बनाया गया। अगर आरजेडी मुझे टिकट देगा तो मैं हाजीपुर से चुनाव लडूंगी। आशा रामविलास पासवान की पहली पत्नी राज कुमारी देवी से हुई दो बेटियों में से एक हैं। उनकी दूसरी पत्नी का नाम रीना पासवान है। रीना से रामविलास को एक बेटा (चिराग) और एक बेटी है। रामविलास पासवान ने पहली पत्नी राज कुमारी देवी से 1981 में तलाक ले लिया था। उसके बाद 1983 में अमृतसर की रहने वाली पंजाबी हिंदू रीना से शादी की। आशा पटना में रहती है। उसकी शादी अनिल साधु से हुई। अनिल एलजेपी के दलित सेना के बिहार यूनिट के अध्यक्ष थे। हाल ही में उन्होंने एलजेपी छोडक़र आरजेडी ज्वाइन की है।
आशा ने अपने पिता के खिलाफ चुनाव लडऩे का ऐलान किया जबकि उनके पति यानि रामविलास के दामाद अनिल साधु ने बुधवार को ही मीडिया को बताया था कि वह भी ससुर के खिलाफ हाजीपुर से चुनाव लडऩा चाहते हैं। उन्होंने कहाकि या तो मैं या मेरी पत्नी चुनाव लड़ सकती है। देखते हैं आरजेडी किसे टिकट देता है। साधु ने कहाकि अनुसूचित जाति वोटर एलजेपी का बंधुआ मजदूर नहीं है। साथ ही उन्होंने कहाकि मेरे पिता पुनित राय वर्ष 1980 से फतुहा विधानसभा सीट से लगातार पांच टर्म चुनाव जीते।

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