मानव से पृथककरने वाली रेखा के बाद होता है भगवान का अवतार : साध्वी भारती

जालन्धर, (मैट्रो नेटवर्क)। श्री राधा कृष्ण भागवत परिवार व दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा मस्त राम पार्क, माई हीरां गेट में सात दिवसीय भागवत कथा के आयोजन के चौथे दिन संस्थान के संस्थापक-संचालक समाधिस्थ श्री आशुतोष महाराज की शिष्या महामनस्विनी साध्वी सुश्री भाग्य श्री भारती जी ने उपस्थिति को संबोधित करते हुए कहा कि जब-जब भी समाज में अधर्म, अत्याचार, अनाचार चरम सीमा पर होता है, धरा धू-धू जल उठती है तो उस समय वह अलौकिक सत्ता साकार रूप लेकर इस धरा पर अवतरित होती है। अवतार शब्द अपने आप में ही बहुत प्रकाशमय है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में भी कहा गया अवतरित इति अवतार:। महर्षि अरविंद ने कहा कि अवतार उसे कहते हैं, जब भगवान उस रेखा से नीचे उतर आता है जो भगवान को मानव से पृथक करती है। कथा के दौरान साध्वी सुश्री भगवती भारती, सतिंंदर भारती, हरिता भारती, त्रिपुंड धारणी भारती, सोनिया भारती, स्वामी कुलवीरा नंद ने मधुर भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। कथा के दौरान मेयर जगदीश राज राजा, कुलदीप सिंह ओबराय, अविनाश चड्ढा, स्वामी सज्जनानंद, स्वामी सदा नंद ने दीप प्रजवलन की रस्म को अदा किया।

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