पत्नी व बेटी को नहीं दिया गुजारा भत्ता, 10 महीने तक हर माह 14 दिन की कैद

फाजिल्का, (मैट्रो नेटवर्क)। अदालत के आदेश की अवहेलना करने के लिए आज एक व्यक्ति को अदालत ने 140 दिन की कैद की सजा सुनाई। दरअसल मामले के अनुसार दोषी व्यक्ति पिछले 10 माह से अपनी पत्नी व बेटी को गुजारा भत्ता नहीं दे रहा था। अदालत ने आज उसे सजा सुनाई जिसके अनुसार दोषी को 10 महीने के लिए हर माह 14 दिन जेल में काटने होंगे। उसे फाजिल्का जेल भेज दिया गया है। यह फैसला चीफ ज्यूडिशियल मेजिस्ट्रेट अमन गर्ग ने सुनाया।
ज्ञातव्य है कि पीडि़त महिला ने हरियाणा के सिरसा में रहने वाले उसके पति हरजिंदर सिंह के खिलाफ अदालत में केस दायर किया था। उसके अनुसार उसका पति अदालत के आदेश के बावजूद उसे गुजारा भत्ता नहीं दे रहा था। 21 जुलाई 2017 को अदालत ने हरजिन्दर सिंह को आदेश दिया था कि वह अपनी पत्नी को 2500 रुपए प्रति माह और बेटी सीरत को 1500 रुपए प्रतिमाह गुजारा भत्ता दे। लेकिन हरजिन्दर पिछले 10 महीने से अदालत के आदेश की अवहेलना कर रहा था। उसने पत्नी व बेटी को गुजारा भत्ता देना बंद कर दिया था। अदालत ने हरजिंदर सिंह के खिलाफ कंडीशनल वारंट जारी कर दिए थे। पुलिस को आरोपी के फाजिल्का आने की सूचना मिली तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया और उसे अदालत में पेश किया।
घरेलू कलह के कारण हरजिन्दर सिंह और परमजीत कौर 2016 में अलग हो गए थे। दोनों की एक बेटी है जो मां के साथ रहती है। हरजिंदर सिंह सब्जी की स्टॉल लगाता है।
कानूनविदों के अनुसार 125 सीआरपीसी के तहत पत्नी की ओर से गुजारा भत्ता के लिए दायर मामलों में पहले अधिकतम सजा एक महीना होती थी। अब हाईकोर्ट की ओर से एक ऐसे ही मामले में गुजारा भत्ता न देने पर एक माह की 10 दिन तक की सजा सुनाए जाने के फैसले को नजीर मानते हुए फाजिल्का में चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट ने 10 महीने तक हर माह 14 दिन कैद की सजा सुनाई है।

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