अंबीयां तोफा निवासियों ने पराली को आग न लगाने का प्रण लिया

जालन्धर, (मैट्रो सेवा)। जिला प्रशासन की और से पराली को आग लगाने के वजय उनको खेतों में ही निपटारा करके वातावरण की शुद्धता के लिए आरंभ किए गए अभियान का व्यापक स्तर पर हो रहे असर को देखा जा रहा है जालन्धर जिले के गांव महिसमपूर के बाद अब गांव अंबीयां तोफा निवासियों द्वारा समूहिक रूप में पराली को आग ना लगाने का प्रण लिया गया है। गांव निवासियां ने पराली को खेतों में ही निपटारा करके जमीन की उपजाऊ शक्ति को बरकरार रखने के लिए अहम कदम उठाया है इसके साथ ही ये गांव आस-पास के गांवों के लिए मार्गदर्शन का संदेश भी दे रहा है। जिलाधीश जालन्धर वरिंदर कुमार शर्मा द्वारा आज इस गांव का दौरा किया गया भारती आॢथक सेवा से सेवा मुक्त हुए श्री एम एस विर्दी की नेतृत्व में गांव निवासियों ने जहां स्व-प्रराली को आग ना लगाने का प्रण लिया है इस के साथ-साथ ही दूसरे लोगों को भी इस बारे में प्रेरित किया जा रहा है। गांव निवासियों ने जिलाधीश जालन्धर के नेतृत्व के अधीन आरंभ की गई अभियान की प्रशंसा की एवं उन्होंने विश्वास दिलाया की वो पराली को आग नही लगायेंगे। इस अवसर पर जिलाधीश जालन्धर ने कहा कि यह समय की मांग है कि किसान वातावरण की संभल के लिए आगे बढें । उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान दूरर्दशी सोच के मालिक हैं इस के लिए किसान पराली के निपटारे के लिए नयून्तम तकनीकी के इस्तेमाल को तेजी के साथ अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आस-पास के गांवो के लोग अंबीयां तोफा गांव के इस फैसले से शिक्षा लें ताकि आने वाले पीडयों को साफ-सुथरा एवं हराभरा वातावरण दिया जा सके। उन्होने आगे बताया कि किसान खेतीबाडी संबंधी किसी भी प्रकार की सलाह-मसवरा और जानकारी के लिए खेतीबाड़ी के विभाग के अधिकारियों के साथ संपर्क कर सकते हैं । इस अवसर पर एस डी एम परमवीर सिंह, मुख्य खेतीबाडी अधिकारी डा बलविंदर सिंह छीना, खेतीबाडी अधिकारी डा नारेश गुलाटी भी शामिल था।

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