पंजाब में तनावपूर्ण शान्ति का माहौल

शान्ति स्थापित नहीं कर सकते तो इस्तीफा दें अमरेन्द्र सिंह : विनय जालन्धरी

जालन्धर, (मैट्रो ब्यूरो)। एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद हुए 2 अप्रैल तथा 10 अप्रैल के भारत बंद को लेकर पैदा हुए वातावरण का तनाव पंजाब में अभी भी खत्म नहीं हो रहा। हालांकि 14 अप्रैल को बाबा साहेब भीमराव अंबेदकर के जन्मदिवस के दिन से लेकर अब तक पंजाब के मुख्य शहरों में इंटरनेट सेवाएं सरकार ने बंद कर दी हैं जिस वजह से आवागमन और बाजार खुले हैं लेकिन तनावपूर्ण शांति या तूफान से पहले की शांति का वातावरण बना हुआ है। तनाव का केन्द्र कपूरथला जिला का फगवाड़ा शहर है जहां 14 अप्रैल को एक चौक में
किसी बोर्ड के लगाये जाने को लेकर दो गुटों में हुए टकराव के बीच गोली चली थी और कुछ लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां भी की हैं लेकिन एक घायल युवक के उपचाराधीन होने की वजह से संशय की स्थिति बनी हुई है। आशंकाग्रस्त पुलिस ने संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए जालन्धर, फगवाड़ा, कपूरथला, अमृतसर और लुधियाना इत्यादि शहरों में संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित करके भारी मात्रा में पुलिस और सुरक्षाबल तैनात किए हैं। प्रदेश सरकार के स्तर पर भी पुलिस और अन्य एजेंसियों में बैठकों का दौर जारी है और आला अधिकारी किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति को टालने के लिए प्रभावशाली सूत्रों की तलाश में हैं।
उधर जालन्धर में शिवसेना (हिन्दोस्तान) के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनय जालन्धरी ने आज एक प्रैस विज्ञप्ति जारी करके यह मांग की है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह यदि पंजाब में शान्ति को स्थापित नहीं रख सकते तो मुख्यमंत्री पद से तुरंत त्यागपत्र दें। उन्होंने कहाकि प्रदेश की शान्ति को भंग करने के लिए हो रहे प्रयासों को विफल करने में सरकार भी विफल हो रही है। उन्होंने कहाकि फगवाड़ा कांड में एक पक्ष के लोगों को गिरफ्तार करके सरकार खुद माहौल को गर्माना चाहती है। उन्होंने कहाकि सरकार किसी भी दबाव में आने की अपेक्षा सभी उन पक्षों को नियंत्रण में करे जो कानून के विरुद्ध किसी भी किस्म के कार्य करने में संलिप्त हैं।

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