3.5 एकड़ में फैला है बरगद का पेड़

फतेहगढ़ साहिब, (मैट्रो ब्यूरो)। ब्लाक खेड़ा के चोल्टी खेड़ी गांव में साढ़े तीन सौ साल पुराना बरगद का पेड़ अब विरासती धरोहर बन चुका है। 3.5 एकड़ में फैले इस पेड़ के आकर्षण का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है किपेरिस का एक प्रोडक्शन हाऊस इस पर दस्तावेजी फिल्म बनाएगा। इस बीच सोमवार को एक केंद्रीय टीम पेड़ का मुआयना करने यहां पहुंची। टीम के सदस्य इसे देख बेहद प्रभावित हुए। जैविक विभिन्नता से भरपूर 6 संभावित विरासती स्थानों में इस पेड़ का नाम भी शामिल है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पेड़ का दायरा बढ़ता जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इसकी देखभाल गांववासी सामूहिक रूप से करते हैं। उनके लिए यह लंबे समय से आस्था का केंद्र भी है।इस मामलेमें जिला प्रशासन और जैविक विभिन्नता प्रबंधन कमेटी भी ग्रामीणों का सहयोग करती है। इस पेड़ के प्रति किसानों के त्याग व समर्पण को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ग्रामीण बताते हैं कि जिस भी व्यक्ति की जमीन में इस पेड़ की जड़ों की पहुंच हो जाती है वह खुद पेड़ के लिए जमीन छोड़ देता है।

फतेहगढ़ साहिब के इस पेड़ का नाम छह संभावित विरासती स्थानों की सूची में शामिल

डा. अमिता प्रसाद ने बताया कि पेरिस के एक प्रोडक्शन हाऊस कैमरा लुसीडा ने पंजाब विभिन्नता बोर्ड की सहायता से इस पेड़़ पर एक दस्तावेजी फिल्म ट्री स्टोरी के नाम से टीवी सीरीज के तौर पर टैलीकास्ट होगी। इसमें दुनिया के अन्य पेड़ों के बारे में भी बताया जाएगा। दस्तावेजी में पंजाब जैविक विभिन्नता बोर्ड की ओर से किए जा रहे प्रयासों में इसे शामिल किया जाएघा। इसके अळावा गांववासियों की ओर से बरगद के पेड़ को संरक्षित करने के लिए किए जा रहे सहयोग को भी शामिल किया जाएगा। उन्होने जिला प्रशासन व स्थानीय लोगों के प्रयास की तारीफ की। डा. हरमहिंदर सिंह वैज्ञानिक, विज्ञान एवं अनुसंधान विभाग चंडीगढ़ ने कहा कि इस बरगद के पेड़ पर रिसर्च की जा रही है कियह कितनी आक्सीजन छोड़ता है और इससे कितने लोगों को लाभ हो रहा है।

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