भीम आर्मी चीफ रावण जेल से रिहा, भाजपा के खिलाफ जंग का ऐलान

नई दिल्ली, (मैट्रो नेटवर्क)। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण को जेल से रिहा कर दिया गया है। वह सहारनपुर की जेल में जातीय दंगा फैलाने के आरोप में बंद था। उसे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत जेल भेजा गया था। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने चंद्रशेखर को रिहा करने का आदेश दिया। उसके बाद उसे वीरवार की रात करीब ढ़ाई बजे रिहा किया गया। जेल से निकलने के तुरंत बाद चंद्रशेखर ने लोगों को सम्बोधित किया और भाजपा पर जमकर हमला बोला। उसने कहाकि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराना है। भीम आर्मी चीफ ने कहाकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई जा रही फटकार से सरकार इतनी डर गई कि उसने खुद को बचाने के लिए मुझे जल्दी रिहा करने का आदेश दे दिया। मुझे पूरा यकीन है वे हमारे खिलाफ 10 दिनों के भीतर कोई न कोई आरोप लगाकर केस दर्ज करेंगे। मैं अपने लोगों से कहूंगा कि 2019 में भाजपा को सत्ता से बाहर करें।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भीम आर्मी चीफ को लेकर बड़ा फैसला लिया। उसे समय से पहले रिहा करने का आदेश दे दिया। रावण को पहले एक नवंबर को रिहा किया जाना था। यूपी सरकार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया था कि चंद्रशेखर उर्फ रावण की माता के प्रत्यावेदन एवं वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सहानुभूति पूर्वक समय पूर्व रिहाई का निर्णय लिया गया है।
आपको बता दें कि भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर ‘रावण’ को 2017 के सहारनपुर दंगों में कथिततौर पर शामिल होने के आरोप में जून 2017 में गिरफ्तार किया गया था। मई 2017 में सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में राजपूतों और दलितों के बीच हुए संघर्ष में कथिततौर पर दलितों के घर जला दिए गए थे। इस दौरान एक शख्स की मौत हो गई थी। चंद्रशेखर की रिहाई को लेकर भीम आर्मी के सदस्य समय-समय पर विरोध प्रदर्शन भी करते रहे हैं। कुछ समय पहले भीम आर्मी ने जंतर मंतर पर भी प्रदर्शन किया था। चंद्रशेखर पर जातीय दंगे फैलाने का आरोप था। बाद में उन्हें इलाहाबाद हाइकोर्ट से जमानत मिल गई थी। बाद में राज्य सरकार ने उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगा दिया गया। रासुका के तहत सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 12 महीने तक प्रशासनिक हिरासत में लेने की इजाजत होती है। रासुका के खिलाफ भीम आर्मी ने इलाहाबाद हाइकोर्ट में भी अपील की थी जो खारिज हो गई थी।

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