कश्मीरी आतंकियों की गिरफ्तारी का मामला : दिल्ली में बड़ी हस्ती को मारने की थी तैयारी

जालन्धर, (मैट्रो सेवा)। दुनिया के सबसे कुख्यात आतंकी संगठन अलकायदा ने कश्मीर में भी उपस्थिति दर्ज कराते हुए अंसार गजवत उल हिंद के नाम से एक अलग संगठन तैयार किया है, जिसका हिंदी में मतलब हिन्दोस्तान की तबाही है। इस संगठन का मुखिया हिजबुल मुजाहिद्दीन के निष्कासित कमांडर जाहिर मूसा को बनाया है, जिसके निशाने पर पंजाब व दिल्ली है। पंजाब व दिल्ली में संगठन एक बड़ी वारदात की तैयारी में था और जाकिर मूसा के इशारे का इंतजार था। ऐसी आशंका है कि संगठन के निशाने पर पंजाब और दिल्ली के शहर थे। आतंकी तैयाहारों में बड़ी वारदात की तैयारी कर रहे थे। इसके अलावा दिल्ली में एक बड़ी हस्ती को उड़ाने की योजना थी। 2017 में एजीएच यानी अंसार गजवत अल हिंद तब दुनिया के सामने आया जब अलकायदा समर्थक चैनल ग्लोबल इस्लामिक मीडिया फ्रंट ने इसके बारे में एक रिपोर्ट दिखाई थी। इस ग्रुप के जरिये अलकायदा कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना था। ग्र्रुप को आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद तैयार किया गया। फिर जिहाद के नाम पर आतंक फैलाने का ऐलान किया गया। गौरतलब है कि जाहिर मूसा ने कश्मीर में चल रही तथाकथित आजादी की लड़ाई को इस्लाम की लड़ाई बताया था। इसके बाद हिजबुल मुजाहिद्दीन ने उसे संगठन से बाहर कर दिया था। जाकिर मूसा बुरहान वानी का दोस्त था, जिसकी मौत के बाद से वादी में तनाव बढ़ गया था। जब अंसार गजवत उल हिंद संगठन अस्तित्व में आया तो ऐसा माना जा रहा था कि मूसा का आकर्षक व्यक्तित्व कश्मीर की युवा पीढ़ी को आकर्षित करेगा जो भारत सरकार से असंतुष्ट नजर आती है।

पकड़े गए आतंकियों को यह मिला था टॉस्क
ऐसी टॉस्क दी गयी थी कि मूसा कश्मीर में चरमपंथ का चेहरा बदलकर रख देगा, क्योंकि वह पहले से स्थापित स्थानीय संगठनों जैसे हिजबुल मुलाहिद्दीन, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से चरमपंथियों को अपने संगठन में शामिल करेगा। अंसार गजवत उल हिंद संगठन के चीफ जाकिर मूसा की तरफ से पंजाब के रास्ते से दिल्ली को टारगेट किए जाने की योजना थी। बता दें कि 6 अगस्त को जम्मू में गांधी नगर इलाके में एक बस को रोककर कश्मीर के एक युवक को गिरफ्तार आठ हथगोले बरामद किए गए थे। आतंकी की पहचान दक्षिण कश्मीर के पुलवामा, जिले में अवंतीपुरा निवासी अरफान वानी के रूप में हुई। हथगोलों के अलावा 60 हजार रुपए बरामद हुए थे। जाकिर मूसा की नई दिल्ली में आतंकी हमले की योजना थी। अफरान वानी से बरामदगी के बाद आईबी को इनपुट मिले थे कि दिल्ली और पंजाब के लिए हथियार व गोला बारूद भेजा गया है। इसके बाद आईबी को पता चला कि जालन्धर में पढऩे वाले तीन स्टूडेंट्स को आगे जाकिर ने हथियार भेजे हैं, जिनको पंजाब में इस्तेमाल तो किया जाना है, इसके साथ ही आगे दिल्ली भेजा जाना है, ताकि किसी बड़ी वारदात को अंजाम दिया जा सके। अंसार गजवत उल हिंद संगठन के निशाने पर दिल्ली की बड़ी हस्ती भीथी, जिसको लेकर खुफिया एजेंसियों ने अभी चुप्पी साध ली है।

बड़ी लापरवाही, हॉस्टल में पहुंचा विस्फोटक
तीन कश्मीरी आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद बड़ा सवाल है कि आखिरकार जेएंडके से पंजाब तक हथियार व विस्फोटक पहुंचा कैसे। इसके अलावा हॉस्टल में सिक्योरिटी चेक के बिना विस्फोटक कैसे गया? पटियाला के बनूड़ में स्थित आर्यन ग्रुप के इंजीनियरिंग कॉलेज और जालन्धर में स्थित सीटी ग्रुप जांच के दायरे में है। जालन्धर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा है कि दोनों कैंपस में छानबीन की जाएगी। हॉस्टल के भीतर हथियारों व विस्फोटक पदार्थ पहुंचने से उन अभिभावकों में खासी चिंता है कि जिनके बच्चे इन संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वहीं सीटी ग्रुप के चेयरमैन ने कहा कि मंगलवार रात करीब 11 बजे पुलिस प्रशासन ने संदिग्ध विद्यार्थियों की बात कहकर शाहपुर कैंपस में सहयोग का अनुरोध किया था। जब हम सभी शाहपुर कैंपस पहुंचे तो वहां पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रिसेप्शन पर रुकने को कहा। इसके बाद रूम नंबर 94 से संदिग्ध बीटेक के दो छात्रों और उनके अतिथि को मुंह ढककर बाहर लाया गया। जब पुलिस अधिकारियों से इस संबंध में पूछा तो उन्होंने पूरी जांच होने तक रूकने को कहा। उन्हें यह भी नहीं पता कि उनके कमरे से क्या बरामद हुआ हैं।

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