सुप्रीम कोर्ट पहुंचे सीबीआई अधिकारी बस्सी, बोले-मेरे पास हैं अस्थाना के खिलाफ सबूत

नई दिल्ली, (मैट्रो नेटवर्क)। सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना पर लगे आरोपों की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी एके बस्सी ने मोइन कुरैशी केस में सुप्रीम कोर्ट की ओर रुख किया है। सीबीआई में उथल-पुथल के बाद बस्सी को पोर्ट ब्लेयर ट्रांसफर किया गया था। कोर्ट को दी गई याचिका में बस्सी ने अपने ट्रांसफर को चुनौती दी है। याचिका में बस्सी ने कहा है कि उनके पास अस्थाना के खिलाफ सबूत हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को कहा कि उनके पास 3.3 करोड़ की घूस से जुड़े सबूत हैं। बतौर सबूत उन्होंने व्हाट्सएप मैसेज और कॉल्स का हवाला दिया।
सेंट्रल विजिलेंस कमीशन को दी गई शिकायत में अस्थाना ने आरोप लगाया था कि बस्सी आलोक वर्मा के निर्देशों पर उनके खिलाफ पूछताछ कर रहे थे। गौरतलब है कि सीबीआई विवाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को एक अहम फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा था कि रिश्वत के मामले में घिरे सीबीआई के नंबर दो ऑफिसर राकेश अस्थाना को अगले वीरवार तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई विवाद से जुड़े मामले में यह टिप्पणी की थी। सीबीआई अपने स्पेशल डायरेक्टर के मामले में अब तक अपनी जांच पर कायम है जिसमें अस्थाना को 1 नवंबर 2018 तक छुट्टी पर भेज दिया गया है। जस्टिस नजमी वजीरी की बेंच ने सीबीआई की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा था कि आखिर क्यों अस्थाना और दूसरे अधिकारियों की एफआईआर पर रिपोर्ट नहीं जमा की। वहीं हाई कोर्ट ने सीबीआई को वीरवार से पहले रिपोर्ट फाइल करने का निर्देश दिया है।
दिल्ली हाईकोर्ट में मनोज प्रसाद के वकील ने कहा था कि यह दो हाथी और एक चूहे के बीच की लड़ाई है। मनोज प्रसाद दुबई के इंवेस्टमेंट बैंकर हैं जिन पर रिश्वत लेने का आरोप है। मनोज प्रसाद को राकेश अस्थाना केस में 17 अक्टूबर को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था।
सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना और डीएसपी देवेंद्र कुमार के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सीबीआई के वकील ने कहा था कि उन्हें काउंटर रिप्लाई फाइल करने के लिए थोड़ा और समय चाहिए।

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