चिप से आपके टीवी पर नजर रखेगी केन्द्र सरकार

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ट्राई से सेट टॉप बॉक्स में नई चिप लगाने पर मांगी राय

नई दिल्ली, (मैट्रो नेटवर्क)। आप अपने घर में टेलीविजन पर क्या देख रहे हैं, केन्द्र सरकार इस पर एक चिप के जरिए नजर रख सकती है। इसके लिए केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सेट टॉप बाक्स में नई चिप लगाने के बारे में दूरसंचार नियामक ट्राई से राय मांगी है। इसका मकसद न्यूज चैनलों सहित अन्य कार्यक्रमों की टीआरपी के सही आंकड़ों का पता लगना है। मंत्रालय द्वारा ट्राई चेयरमैन आरएस शर्मा को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सेट टॉप बाक्स में नई चिप से चैनलों को देखने की अवधि के डाटा के बारे में जानकारी मिलेगी। मौजूदा समय में कौन किस चैनल को देख रहा है, इसका डाटा ब्राडकास्ट आडियंस रिसर्च काऊंसिल (बीएआरसी) रखता है। वह इसके लिए ग्राहकों से मंजूरी लेकर बीएआर-ओ मीटर स्थापित करता है। इनके जरिए वह टीआरपी के आंकड़े एकत्र करता है। नई चिप लगने के बाद इन मीटरों की जरूरत नहीं पड़ेगी।
टीआरपी पता करने का तरीका बदल जाएगा : ब्राडकास्टिंग क्षेत्र के लोग इस पर किसी सवार का जवाब देने को राजी नहीं है। सेट टॉप बाक्स में नई चिप लगने के बाद टीआरपी के आकलन का तरीका बदल जाएगा। ट्राई को लिखे गए पत्र में मंत्रालय ने डीटीएच लाइसेंस के बारे में भी राय मांगी है। ट्राई अपने सुझाव सरकार को जल्द भेजेगा। अंतर मंत्रालयी समिति ने 27 फरवरी को बैठक में कुछ नियमों में बदलाव के लिए मसौदे पर चर्चा की थी। इसी में नई चिप लगाने का भी प्रस्ताव है।
विशेषज्ञ बोले, सरकार का कदम निजता का उल्लंघन : डीटीएच मामलों के विशेषज्ञ और सुप्रीम कोर्ट में वकील एन स्वामीनाथन का कहना है कि अगर सरकार टीवी चैनल की निगरानी करती है तो यह सीधे तौर पर निजता के अधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि यह कदम ठीक उसी तरह का होगा जैसा कैम्ब्रिज ऐनालिटिका ने फेसबुक से जाटा चोरी कर किया। वहीं उपभोक्ता मामलों के वरिष्ठ वकील ज्ञानंत सिंह का कहना है कि यह संविधान के अनुच्छेद 21 में स्वतंत्रता से जीने के अधिकार में सीधे तौर पर हस्तक्षेप है। मौजूदा प्रक्रिया में ग्राहकों की मंजूरी के बाद ही जानकरी टीआरपी के लिए एकत्र की जाती थी।

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