लंदन से एलपीयू आई इंग्लैंड की छात्रा

जालन्धर, (मैट्रो सेवा)। स्टूडैंट एकसचेंज प्रोग्राम के तहत इंगलैंड की एक और छात्रा एमी जेड कॉलिन्स यूनिवर्सिटी कालेज लंदन से लवली प्रोफैशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) पहुंची। वह कवीन ऑफ इंगलैंड के संरक्षण में कार्यरत एसोसिएशन ऑफ कॉमनवैल्थ यूनिवर्सिटी•ा (एसीयू) द्वारा स्पॉन्सर किए गए इस प्रोग्राम के तहत एलपीयू पहुंची। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन एक पबिलक रिसर्च यूनिवर्सिटी है और यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन, जो कि विश्व के पहले 20 देशों में शुमार है, का एक अहम भाग है। गौरतलब है कि एसीयू के 40 कॉमनवैल्थ देशों के 500+ मैंबरों में से एलपीयू एक है तथा एलपीयू ही एकमात्र भारतीय यूनिवर्सिटी है जहां एसीयू से यूके के विद्यार्थी पहुंचते हैं। उल्लेखनीय है कि एमी से पहले भी इंगलैंड की एक अन्य यूनिवर्सिटी टीसाईड यूनिवर्सिटी से फिजियोथैरेपी के चार विद्यार्थी इसी सत्र में ज्ञान प्राप्त व सांझा करने एलपीयू पहुंचे थे। एलपीयू में इंटरनैशनल अफेयर्•ा के हैड श्री अमन मित्तल का मानना है कि शीर्ष देशों जैसे कि इंगलैंड, अमरीका, कैनेडा आदि से बहुत से विदेशी विद्यार्थी प्रत्येक वर्ष स्टूडैंट एकसचेंज व स्टडी इंडिया प्रोग्राम के तहत एलपीयू आते रहते हैं।
इंडिया में, भारत के बारे में बेहतरीन ढंग से जानने और खोजने के लिए एलपीयू एक विशाल मंच है। एलपीयू में बहुत कुछ सीखने के बारे में एमी का कहना है-‘अर्थशास्त्र की एक छात्रा होने के नाते मैं भारत को विश्व की मुखय इकोनॉमी के रूप में तीव्रता से बढ़ते हुए स्वयं देखने के अपने प्राथमिक अनुभव को लेकर अत्यंत प्रसन्न हूं। इस प्रोग्राम के तहत मुझे प्रमुख शिक्षाविदों और उद्यमियों से मिलने का भी सुअवसर प्राप्त हुआ है।’ एमी ने आगे कहा-‘एलपीयू के होटल मैनेजमैंट स्कूल में मैंने कई प्रकार के व्यंजन आदि बनाने सीखे जिनमें कड़ी-पकौड़ा, पनीर भुर्जी, भरवां करेला, लच्छा परांठा, मीठी सेवियां आदि शामिल हैं। इसी तरह मैंने डांस कलासों में पंजाबी लोकनृत्यों को भली-भांति सीखा और पसंद किया। स्थानीय भाषाओं को सीखते हुए मैं अब बहुत आसानी से हिन्दी में ‘नमस्ते… आप कैसे हो…’ तथा पंजाबी में ‘सत श्री अकाल’ कहना सीख गई हूं।’

एमी ने यह भी सूचित किया-‘वास्तव में, विश्व में भारत ही एक ऐसा देश है जहां इतिहास, संस्कृति, वंयजनों तथा प्रकृति में बहुतायत में भिन्नता है। इससे भी अधिक एक लोकतांत्रिक माहौल में आधुनिक भारत जबरदस्त इकोनॉमी ग्रोथ के प्रति स्वर्णिम उदाहरण है। एशिया व भारत के अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में वैश्विक प्रभाव को बढिय़ा ढंग से समझने के लिए इस क्षेत्र की एलपीयू जैसी यूनिवर्सिटी में पहुंचना सर्वश्रेष्ठ है। मैं विश्वास के साथ कह सकती हूं कि किसी भी विदेशी द्वारा भारत के विशाल इतिहास और अमीर संस्कृति को प्रथम अनुभव के तौर पर जानने के लिए एलपीयू का स्टडी इंडिया प्रोग्राम सर्वश्रेष्ठ है।’

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