इलाज नहीं करा पाई तो बेटी को 8 साल कमरे में रखा बंद

सुल्तानपुर लोधी, (मैट्रो सेवा)। एक गरीब लाचार मां बाप ने अपनी विवाहित लडक़ी को लगभग 8 साल तक एक बंद कमरे में बंद रखा। मामला निजी होने के कारण किसी ने इसमें दखल नहीं दी। आखिरकार मोहल्ले की एक लडक़ी भावना शर्मा ने एक गैर-सरकारी संस्था वुमन वैल्फेयर एसोसिएशन को सूचना दी। जिस पर पदाधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए थाना सुल्तानपुर पुलिस को इसकी सूचना दी। वुमन वैल्फेयर एसोसिएशन की महासचिव कंचन शर्मा ने बताया कि मंगलवार को उन्हें जानकारी मिली कि एक लडक़ी कई वर्षों से घर में कैद है। मौके पर घर के ऊपर बने चौबारे पर देखा कि एक लडक़ी कमरे में दयनीय हालत में है। इतने वर्षों से कमरे में कैद होने के कारण वह मानसिक स्थिति खो चुकी थी उसकी हालत खराब थी कि वह चलने में असमर्थ थी। एक ही जगह पर लेटे रहने के कारण पीठ पर भी संक्रमण हो गया था। हाथों के नाखून भी काफी बड़े थे, बाजुओं और टांगों पर जख्म थे। लडक़ी को फिलहाल कपूरथला के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

जरूरत पड़ी तो कानून का सहारा लेंगे : भावना
एसोसिएशन की ब्लाक प्रेसिडेंट भावना शर्मा ने बताया कि फिलहाल वह लडक़ी के स्वास्थ्य पर ध्यान दे रहे हैं। स्वास्थ्य ठीक होने के बाद उसने अभिभावकों से पूरा मामला समझा जाएगा। इसके बाद जरूरत पड़ी तो कानून का सहारा लिया जाएगा। वहीं लडक़ी के मां-बाप ने बताया कि तकरीबन 9 वर्ष पहले बेटी की शादी की थी। शादी के बाद इसे एक लडक़ा हुआ था जो ससुराल पक्ष के पास है। लडक़ी की मां ने भरी आंखों में बताया कि उनकी बेटी को ससुराल पक्ष के लोग नहीं ले गए तो इसकी मानसिक हालत खराब हो गई। वह इसका इलाज कराने में असमर्थ थे। लोक लाज के कारण उसे वह घर से बाहर नहीं ले जाते थे।

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