दिलप्रीत की दिलबर खोलेगी राज

मोहाली, (मैट्रो नेटवर्क)। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल द्वारा पकड़ी गई गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह को पनाह देनेवाली मित्र रूपिंदर कौर व हरप्रीत की अदालत में पेश करने के लिए मंगलवार को दिन भर ड्रामा चलता रहा। स्टेट स्पेशल सेल की ओर से दोनों महिला आरोपियों का सुबह ही इंतजार में थे कि पुलिस कब आरोपी महिलाओं को लेकर आएगी। पुलिस की टीम शाम करीब पांच बजे अदालत पहुंची, जबकि चंडीगढ़ में एक जज की मां का स्वर्गवास होने के कारण अधिकतर जज निकल गए थे। इस संबंध में पूर्व सूचना न होने के कारण अदालत का स्टाफ भी निकल गया था। इसके बाद पुलिस की टीम आरोपी महिलाओं को वापस ले गई और उन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेशकर पांच का रिमांड मांगा। इस दौरान पुलिस की ओर से केस प्रापर्टी, असलहा, नशीले पदार्थ व अन्य सामग्री अदालत में पेश की गई। अदालत में आरोपियों का रिमांड लेने के लिए पुलिस ने दलील दी कि दोनों महिलाएं आपस में बहने हैं। दोनों में से एक औरत के पति की मौत हो चुकी है। जबकि दूसरी का पति साथ नहीं रहता। गैंगस्टर को दोनों बहनें अपने पास पनाह देती थी। गैंगस्टर इनके घर में हथियार, गोली, सिक्का, हैरोइन व नशीले पदार्थ रखकर अपना नेटवर्क चलाता था। पुलिस इन दोनों से पता लगाना चाहती है कि उक्त लोगों का कौन से गैंगस्टरों से संबंध है। साथ ही नशे में सप्लाई करने में इनकी भूमिका क्या है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि हरप्रीत कौर आंगनबाड़ी वर्कर है। साथ ही वाहेगुरु नगर नवांशहर में बुटीक चलाती है। वह विधवा है। रूपिंदर कौर एक दवा कंपनी में काम करती थी। इस बारे में महिला ने अपने पड़सियों को भी बताया था। इस मौके पर अदालत में पहुंची आरोपी महिलाओं में से एक ने कहा कि उन्हों ने किसी भी तरह के प्रैशर में दिलप्रीत से दोस्ती नहीं की थी। बल्कि उन्होंने अपनी मर्जी से दोस्ती की थी।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *