दिवाली पर गुड न्यूज! प्रतिबंध के बावजूद ईरान में चाबहार बंदरगाह के विकास के लिए अमेरिका ने भारत को दी छूट

वॉशिंगटन, (मैट्रो नेटवर्क)। दिवाली के मौके पर अमेरिका से भारत के लिए अच्छी खबर आई है। अमेरिका ने लीक से हटकर भारत छूट दी है कि वह अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए नए  ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर को इरान में विकसित कर सकता है। ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद राज्य सचिव माइक पोम्पेओ ने कहा कि अमरिका भारत को चाबहार बंदरगाह से अफगानिस्तान तक रेलवे लाइन के निर्माण की अनुमति देता है। अमेरिका ने ईरान में विकसित किए जा रहे सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह और इसे अफगानिस्तान से जोड़ने वाली रेलवे लाइन के निर्माण के लिए भारत को कुछ प्रतिबंधों से छूट दे दी है।

ट्रंप प्रशासन का यह फैसला दिखाता है कि ओमान की खाड़ी में विकसित किए जा रहे इस बंदरगाह में भारत की भूमिका को अमेरिका मान्यता देता है। इसे इस तरह समझा जा सकता है कि एक दिन पहले ही ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाए और छूट देने में उसका रुख बेहद सख्त है। यह बंदरगाह युद्ध ग्रस्त अफगानिस्तान के विकास के लिए सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि गहन विचार के बाद विदेश मंत्री ने 2012 के ईरान स्वतंत्रता एवं प्रसार रोधी अधिनियम के तहत लगाए गए कुछ प्रतिबंधों से छूट देने का प्रावधान किया है जो चाबहार बंदरगाह के विकास, उससे जुड़े एक रेलवे लाइन के निर्माण और बंदरगाह के माध्यम से अफगानिस्तान के इस्तेमाल वाली, प्रतिबंध से अलग रखी गई वस्तुओं के नौवहन से संबंधित है। साथ ही यह ईरान के पेट्रोलियम उत्पादों के देश में निरंतर आयात से भी जुड़ा हुआ है।

उधर,अमेरिका की ओर से फिर से लगाए गए प्रतिबंधों के बाद ईरान ने हवाई रक्षा अभ्यास किया और राष्ट्रपति हसन रूहानी ने बयान दिया कि देश युद्ध जैसे हालात का सामना कर रहा है। अमेरिका की ओर से ईरान पर लगाए गए ताजा प्रतिबंधों और रूहानी के इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता दिख रहा है। प्रतिबंधों के कारण ईरान को अमेरिका द्वारा दिए जा रहे वे सभी लाभ बंद हो जाएंगे जो 2015 के परमाणु करार के कारण उसे दुनिया के शक्तिशाली देशों से मिल रहे थे। हालांकि, वह अपनी तरफ से इस करार का अब भी पालन कर रहा है। इस करार के तहत उसे यूरेनियम का संवर्धन सीमित मात्रा में करना था।रूहानी ने सोमवार को कहा, ‘आज ईरान अपना तेल बेचने में सक्षम है और वह बेचेगा।’ इस बीच, ईरानी अधिकारियों ने एक साइबर हमले की सूचना दी जिसमें देश के संचार ढांचे को निशाना बनाया गया। उन्होंने इस हमले के लिए इजराइल को जिम्मेदार करार दिया। ईरान के सरकारी टीवी पर दिखाया गया कि देश के उत्तरी हिस्से में रक्षा बलों द्वारा हवाई अभ्यास किया जा रहा है। सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से ड्रोन को मार गिराने का दृश्य भी दिखाया गया। यह अभ्यास मंगलवार को जारी रहेगा।

इस बीच, सरकारी टीवी पर प्रसारित अपने बयान में रूहानी ने सरकारी अधिकारियों से कहा कि ईरान प्रतिबंधों से उबर जाएगा। उन्होंने कहा, ‘हम युद्ध जैसे हालात में हैं। हम आर्थिक युद्ध जैसे हालात में हैं। हम धौंस दिखाने वाले एक दुश्मन का सामना कर रहे हैं। हमें जीतने के लिए तनकर खड़े रहना होगा।’

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