आगामी बजट सैशन में एससी/एसटी उप योजना एक्ट बनाने के लिए बिल लाए सरकार

अनुसूचित जाति उद्यमी सशक्तिकरण फोरम ने की केन्द्र सरकार से मांग

जालन्धर, (मैट्रो नेटवर्क)। एससी एवं एसटी उप योजना बजट स्कीम सरकार द्वारा इन वर्गों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए 1970 के आखिर में शुरू की गई थी परन्तु इस योजना के तहत निर्धारित बजट का इस्तेमाल अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के लिए नहीं किया गया। इस स्कीम के तहत बहुत ही मामूली रकम रखी गई। अनुसूचित जाति उद्यमी सशक्तीकरण फोरम ने मांग की है कि भारत सरकार से इस मामले में संसद के आने वाले बजट सैशन में एक एक्ट बनाने का बिल पेश करे ताकि उक्त श्रेणियों की आबादी के अनुसार बजट निर्धारित किया जा सके एवं उक्त बजट को एससी एवं एसटी आबादी की शिक्षा, स्वास्थ्य, हाउसिंग एवं अन्य सुविधाओं के लिए खर्च किया जा सके।
फोरम ने इस दिशा में एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है एवं पंजाब प्रदेश के सभी क्षेत्रों में 200 से ज्यादा एनजीओ/एसोसिएशनों द्वारा 10 लाख हस्ताक्षर करवाने का लक्ष्य रखा है। फोरम अभी तक पंजाब में 4.5 लाख से ज्यादा हस्ताक्षर इकट्ठे करने में कामयाब रही है। फोरम की आज की बैठक में फोरम के हस्ताक्षर अभियान में दिखाए उत्साह के लिए एनजीओ/एसोसिएशनों का आभार व्यक्त किया गया। बैठक में संकल्प लिया गया कि उपरोक्त लक्ष्य को हासिल करने के लिए हस्ताक्षर अभियान को और तेज किया जाएगा और 19.12.2017 तक इस लक्ष्य को प्राप्त किया जाएगा।
जल्द ही फोरम सरकार से आवेदन करेगा कि उन्हें मिलने का समय दिया जाए ताकि आने वाले बजट सैशन में एससी/एसटी उप-योजना एक्ट बनाने के लिए 10 लाख हस्ताक्षरों वाला मैमोरेंडम सरकार को पेश किया जा सके।
आज की बैठक में एससी कमीशन पंजाब के पूर्व चेयरमैन श्री राजेश बाघा, स. जीवन सिंह, प्रितपाल डोभोली, भूपिंदर कुमार, राममूर्ति, मनजीत बाली, राकेश शान्तिदूत एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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