नौ साल से बंद महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड फिर शुरू करेगी सरकार

सूबे में खेलों के लिए माहौल बनाएगी नई खेल नीति : सोढी

चंडीगढ़,(मैट्रो ब्यूरो)। कामनवैल्थ और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाडिय़ों को दिया जाने वाला महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड पंजाब में फिर से शुरू किया जाएगा। ढाई हजार रुपए की इनाम राशि के साथ शुरू हुआ यह अवार्ड नौ साल पहले जब बंद हुआ, तब इस पुरस्कार के तहत पात्र खिलाड़ी को दो लाख रुपए प्रदान किए जाते थे। यह जानकारी सूबे के खेल मंत्री राणा गुरमीत ङ्क्षसह सोढी ने प्रेस कांफ्रैंस दौरान दी। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक विोष समारोह आयोजित करके खिलाडिय़ों को महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड वितरित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सूबे में खेल और खिलाडिय़ों के लिए महाहौल बनाने के उद्देश्य से मौजूदा खेल नीति में संशोधन करके नई रूप रेखा तैयार की जाएगी। राणा सोढ़ी जोकि खुद भी अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाज रहे हैं, ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा खेल के क्षेत्र में पंजाब की खोई खान को फिर से बहाल करने का निश्चय किया है। उनहोंने कहा कि पदक विजेता खिलाडिय़ों की इनामी राशि और वेटरन की पेंशन में विस्तार, कई वर्षों से रूके महाराजा रणजीत ङ्क्षसह अवार्ड बांटना और राशि बढ़ाना, खिलाडिय़ों को नौकरी की स्थायी व्यवसथाऔर जिला ओलंपिक एसोसिएशन व जिला खेल काऊसिलों को क्रियाशील करना नई खेल नीति के अहम पहलू होंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब में 32.90 करोड़ रुपए की लागत से खेलों के बुनियादी ढांचा बनाने के लिए 10 नये स्टेडियम बनाए जाएंगे और दो शूटिंग रेंजों का कायाकल्प किया जाएगा। इनमें 6 करोड़ की लागत से मुक्तसर साहिब और मोहाली में शूटिंग रेंजों की अपग्रेडेशन की जाएगी। एक करोड़ की लागत से गिदड़बाहा में मल्टीपर्पस स्टेडियम, 6.25 करोड़ की लागत से गुरु हरसहाय, टांडा उड़मुड़, गिद्दडबाहा और खडूर साहिब में ब्लाूक स्तरीय स्टेडियम और 3 करोड़ रुपए की लागत के साथ ढुढीके में हाकी स्टेडियम बनाए जाएंगे।

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