ज्ञानपीठ अवार्ड विजेता गिरीश कर्नाड का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

बेंगलुरु, (मैट्रो नेटवर्क)। देश के जाने माने लेखक, अभिनेता और फिल्म निर्देशक गिरीश कर्नाड का निधन हो गया है। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि कर्नाड का उम्र संबंधी बीमारियों के कारण सुबह करीब 8.30 बजे घर में निधन हो गया।
आपको बता दें कि 1960 के दशक में उनके ‘यायाती’ (1961), ऐतिहासिक ‘तुगलक’ (1964) जैसे नाटकों को समालोचकों ने सराहा था जबकि उनकी तीन महत्वपूर्ण कृतियां ‘हयवदना’ (1971), ‘नगा मंडला’ (1988) और ‘तलेडेंगा’ (1990) ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की। कर्नाड को पद्मश्री और पद्म भूषण से नवाजा जा चुका है। 1972 में उन्हें संगीत नाटक अकादमी, 1994 में साहित्य अकादमी, 1998 में ज्ञानपीठ पुरस्कार भी दिया गया है। कन्नड़ फिल्म ‘संस्कार’ के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। गिरीश की आखिरी फिल्म की बात करें तो उन्होंने सलमान खान के साथ ‘टाइगर जिंदा है’ की थी ।
पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘गिरीश कर्नाड को सभी माध्यमों में उनके बहुमुखी अभिनय के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने हमेशा भावुकता से बात की। उनके काम आने वाले वर्षों में लोकप्रिय होते रहेंगे। उनके निधन से दुखी। उनकी आत्मा को शांति मिले।’
अभिनेता आर माधवन ने गिरीश कर्नाड को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा है, ‘आरआईपी गिरीश कर्नाड जी। आपसे मिलना और आपके साथ काम करना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी। आप बहुत याद आएंगे।’
अभिनेता अनिल कपूर लिखते हैं, ‘मैं गिरीश कर्नाड से तब मिला जब वह फिल्म संस्थान के प्राचार्य थे और फिर फिल्म ‘पुकार’ में उनके साथ काम किया। वह एक महान व्यक्ति और नाटककार थे। उनकी कहानियां हमेशा हमारे दिल और दिमाग में रहेंगी। मेरी प्रार्थनाओं को भेजना और उनके परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना।’
दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी लिखती हैं, ‘गिरीश कर्नाड के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। अभी तक उनके परिवार से बात नहीं हो पाई है। यह 43 साल की दोस्ती रही है और मुझे शोक व्यक्त करने के लिए गोपनीयता की आवश्यकता है। मैं मीडिया से अनुरोध करती हूं कि कृपया मुझसे इस बारे में बात करने को न कहे।’

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