सीआरपीएफ न होती तो मेरा कोलकाता से जिंदा निकलना मुश्किल था : अमित शाह

नई दिल्ली, (मैट्रो नेटवर्क)। आम चुनाव अपने आखिरी पड़ाव पर हैं लेकिन पश्चिम बंगाल में बीजेपी और टीएमसी में सियासी घमासान अपने चरम पर है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में जारी बवाल और रोड शो में हुई हिंसा के लिए टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया। तृणमूल पर हमले का आरोप लगाते हुए अमित शाह ने कहा कि टीएमसी के गुंडों ने ही उनकी बाइक और गाडिय़ां जलाईं, अगर कल सीआरपीएफ नहीं होती तो उनका जिंदा निकलना मुश्किल था।
अमित शाह ने प्रेस कांफ्रेंस में कुछ तस्वीरें दिखाकर दावा किया कि रोड शो में हिंसा टीएमसी के लोगों ने की और टीएमसी के ही गुंडों ने ईश्वर चंद विद्यासागर की प्रतिमा भी तोड़ी। शाह ने बंगाल में टीएमसी के दिन खत्म होने का ऐलान करते हुए कहा कि बीजेपी बंगाल में क्लीन स्वीप करने जा रही है। साथ ही अमित शाह ने चुनाव आयोग पर भी सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग मूकदर्शक बनकर बैठा है और टीएमसी हिंसा करती जा रही है। अगर ऐसा ही चुनाव होता रहा तो चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होने लगेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी सार्वजनिक रूप से धमकी दे रही हैं, बदला लेने की बात कर रही हैं और नेताओं को रैलियां करने से रोका जा रहा है। अमित शाह ने ममता को कहाकि बंगाल में जो घटनाएं हुई हैं, उसी की हकीकत बताने आया हूं। देश में कहीं पर भी हिंसा नहीं हो रही है लेकिन सिर्फ बंगाल में हो रही हैं। शाह ने कहा कि बीजेपी तो पूरे देश में चुनाव लड़ रही है लेकिन हिंसा सिर्फ बंगाल में हो रही है।
शाह ने दावा किया कि रोड शो के अंदर अभूतपूर्व जनसमर्थन कोलकाता की जनता का मिला। कम से कम दो-ढाई लाख लोग 7 किलोमीटर के रोड शो में शामिल हुए। हमला एक नहीं था, 3 हमले हुए। तीसरे हमले में आगजनी पथराव और कैरोसिन बम से हमला किया गया। जितने भी पथराव करने वाले लोग थे वो अंदर के थे, हम रिसीवर ऐंड पर थे। मेरे रोड शो पर पथराव किया गया। बचाव करने के साधन करता हुआ मैं तस्वीरों में स्पष्ट दिख रहा हूं।

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