किसान कल्याण रैली में बोले मोदी-किसान के चैन से सोने से कांग्रेस की नींद उड़ी

मलोट (मुक्तसर), (मैट्रो नेटवर्क)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि पंजाब हमेशा से देश का प्रेरणास्रोत रहा है और मैं इस पवित्र प्रदेश की महक से जुड़ा रहा हूं। आज यहां किसान कल्याण रैली को सम्बोधित करने आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भाजपा की पंजाब इकाई के प्रभारी रह चुके हैं।
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से आए किसानों की विहंगम उपस्थिति को सम्बोधित करते हुए मोदी ने कहाकि यह गुरु गोबिंद सिंह की वीरता की धरती है। उन्होंने कहाकि मुक्तसर बलिदान की भूमि है। मैं पंजाब की माटी की महक से जुड़ा रहा हूं। रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने कहाकि सीमाओं की रक्षा हो, खाद्य सुरक्षा हो या फिर श्रम उद्यम का क्षेत्र हो पंजाब ने हमेशा से देश को प्रेरित करने का काम किया है। पंजाब ने हमेशा खुद से पहले देश के लिए सोचा है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने हमेशा देश के लिए पहले सोचा है। उन्होंने कहा कि वीरता और साहस की यही परिपाटी इस पूरे मालवा को, पंजाब को, देश और दुनिया में बसी पूरी सिख परम्परा को प्रेरित कर रही है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहाकि 70 साल सिर्फ किसानों से वादे किए गए। इन 70 सालों में बस एक परिवार की चिंता हुई। कांग्रेस ने किसानों के साथ धोखा किया है। किसान के चैन से सोने से कांग्रेस की नींद उड़ गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहाकि हमने कई फसलों को एमएसपी की लागत से दोगुना किया। एमएसपी बढऩे से पंजाब के किसानों को फायदा होगा। कई फसलों की एमएसपी को लागत से दोगुना किया। अब कपास पर 1120 रुपए ज्यादा मिलेंगे। हम 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करेंगे।
उन्होंने कहाकि यहां के किसान रिकॉर्ड पैदावार कर रहे हैं। पंजाब के किसानों को मेहनत का फल मिला है। उन्होंने कहा कि पिछले 4 साल में जिस प्रकार से देश के किसानों ने रिकॉर्ड पैदावार करके अन्न भंडारों को भरा है उसके लिए मैं देश के किसानों को नमन करता हूं। कैसे भी स्थिति रही हो, देश के किसान ने कभी मेहनत करने में कमी नहीं रखी लेकिन कांग्रेस पार्टी और उनकी सरकारों ने कभी किसानों की इज्जत नहीं की, कभी उसको मान नहीं दिया। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा किसानों को धोखा दिया। कभी किसानों के सशक्तिकरण के लिए कार्य नहीं किया, सिर्फ उन्हें वोट बैंक ही समझती रही। प्रधानमंत्री ने कहा कि 70 वर्षों का इतिहास बताता है कि इन वर्षों में किसानों की नहीं सिर्फ एक परिवार की ही चिंता की गई।

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