भारत नहीं इंडोनेशिया में हैं 17 अप्रैल को दुनिया के सबसे बड़े चुनाव

जकार्ता, (मैट्रो नेटवर्क)। भारत में 11 अप्रैल से लोकसभा चुनावों का आगाज हो चुका है तो वहीं एक और एशियाई देश में संसदीय चुनाव होने वाले हैं। नई दिल्ली से करीब आठ हजार किलोमीटर दूर जकार्ता में 17 अप्रैल को संसदीय चुनाव होंगे। यहां पर लोग नए राष्‍ट्रपति और नई सरकार के लिए वोट डालेंगे। आपको जानकर हैरानी होगी कि इंडोनेशिया में होने वाले संसदीय चुनाव दुनिया का सबसे बड़ा संसदीय चुनाव है जब एक ही दिन में करोड़ों मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
मुसलमान आबादी वाले देश इंडोनेशिया में जब 17 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे तो न सिर्फ राष्ट्रपति बल्कि देश की नई संसद के लिए भी जनता मताधिकार का प्रयोग करेगी। राष्‍ट्रपति जोको विडोडो इस बार फिर से चुनावी मैदान में हैं। इसके अलावा इंडोनेशिया आर्मी के पूर्व जनरल प्रोबोवो सुबियानतो भी मैदान में हैं। साल 2014 में जब चुनाव हुए थे तो विडोडो को बहुत कम अंतर से जीत देखने को मिली थी। इंडोनेशिया में एक दिन में 19.2 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे तो वहीं 245,000 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाएंगे।
राष्ट्रीय चुनावों के अलावा प्रांतीय चुनाव भी इसी दिन हो रहे हैं। इस वजह से इंडोनेशिया के चुनावों को एक दिन में होने वाला दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव करार दिया जा रहा है। विदेशों में वोटिंग शुरू हो चुकी है। सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया में इंडोनशियाई दूतावास के बाहर मतदाताओं की भारी भीड़ देखी जा सकती है। बुधवार को सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हो जाएंगी और दोपहर एक बजे तक वोट डाले जाएंगे। वोटर्स को पांच अलग-अलग बैलेट पेपर पर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के अलावा, प्रांतीय उम्मीदवारों के नाम पर मोहर लगानी होगी।
कुछ घंटों बाद पोलिंग स्टेशंस से मिले वोट सैंपल्स के आधार पर अनाधिकारिक तौर पर हुई गिनती होगी और बुधवार शाम तक विजेता राष्‍ट्रपति के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा। आम चुनावों का नतीजा आधिकारिक तौर पर मई में आएंगे। उम्मीदवारों के पास आधिकारिक नतीजे आने के बाद किसी भी तरह की शिकायत दर्ज कराने के लिए 72 घंटे का समय होगा। वह कॉन्स्टीट्यूशनल कोर्ट में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। नौ जजों का एक पैनल 14 दिनों में कोई फैसला लेगा और इस फैसले के बाद कोई भी अपील नहीं की जा सकेगी। बहुत से ओपिनियन पोलस में विडोडो की जीत को तय करार दिया गया है। लेकिन विपक्ष ने सर्वे के नतीजों को खारिज कर दिया है। चुनावों के दौरान करीब 500,000 पुलिस और मिलिट्री पर्सनल सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे। राजधानी जकार्ता में अधिकारी पोलिंग स्टेशनों की सुरक्षा करेंगे।

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