‘गुरु’ से घोटाला कर रहे हैं जालन्धर नगर निगम के अधिकारी

निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू के नगर निगमों में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को कुछ नहीं समझ रहे भ्रष्ट अधिकारी

जालन्धर, (मैट्रो नेटवर्क)। स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू के निकाय विभाग में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को जालन्धर नगर निगम ठेंगा दिखा रहा है। एक ओर जहां लोकल बॉडी मिनिस्टिर ने अमृतसर में अवैध निर्माणाों के लिए पांच सहायक टाऊन प्लानरों और इंस्पेक्टरों को निलंबित कर दिया था, वहीं जालन्धर में कथित मिलीभगत के चलते बड़े स्तर पर अवैध निर्माण हो रहे हैं। स्थानीय मुख्य बस अड्डे के निकट लगभग 150 दुकानों का अवैध निर्माण हुआ है, लेकिन यहां न तो नगर निगम के टाऊन प्लानरों या बिल्ंिडग विभाग के अधिकारियों और इंस्पेक्टरों ने कार्रवाई की है न ही यह निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू की नजर में आई है। अवैध निर्माण की यह स्थिति महानगर जालन्धर के सभी इलाकों में धड़ल्ले से हो रही है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। गौरतलब है कि उक्त अवैध निर्माणों की शिकायत खुद डिप्टी मेयर हरसिमरनजीत सिंह बंटी ने भी की थी, लेकिन संबंधित निगम अफसरों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। इस अवैध निर्माण से नगर निगम को लाखों रुपए के राजस्व का चूना लगा है और यदि पूरे शहर के अवैध निर्माणों की बात करें तो यह करोड़ों में है। उधर सूत्रों से जानकारी मिली है कि उक्त अवैध निर्माण के पीछे एक एलएलए के निजी सचिव और एक कांग्रेस पार्षद का हाथ है। यह भी जानकारी मिली है कि राजनीतिक स्तर पर भी इस अवैध निर्माण के लिए नकद वसूली की गई है जिस के बल पर यह अवैध निर्माण हुआ है। उधर इस मामले में एसटीपी परमपाल सिंह का कहना है कि जांच की जाएगी और यदि यह कमर्शियल निर्माण अवैध रूपसे हुआ है तो इसे गिराया जाएगा।

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