4 साल बाद जदयू की एनडीए में वापसी

नई दिल्ली, (मैट्रो नेटवर्क)। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) अब नीतीश कुमार और शरद यादव कैंप में दोफाड़ होती दिख रही है। शरद यादव चुनाव आयोग जाकर जेडीयू पर अपना दावा पेश करेंगे। इस बीच पटना में अपने जन अदालत सम्मेलन के लिए कृष्ण मेमोरियल हॉल पहुंचे शरद यादव ने कहा कि मैं किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं बल्कि बिहार के लोगों के साथ हूं। बिहार के लोग दुखी हैं। इसके साथ ही उन्होंने सम्मेलन में शामिल नेताओं से कहा कि जो भी मंच पर बोलने आएं वे किसी का नाम लिए बिना ही अपनी बात रखें।
वहीं नीतीश कुमार के आवास पर जेडीयू कार्यकारिणी की बैठक हुई जहां औपचारिक रूप से एनडीए में शामिल होने का फैसला किया गया। इस बीच वहां मुख्यमंत्री आवास के बाहर एकत्र शरद यादव और आरजेडी समर्थकों ने नीतीश के खिलाफ प्रदर्शन किया जिसके बाद वहां की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
वहीं शरद यादव का खुला समर्थन कर रहे आरजेडी सुप्रीमो ने साफ किया कि यह जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी नहीं बल्कि भाजपा की है। उन्होंने कहा कि सृजन घोटाले में घिरने के चलते नीतीश कुमार और सुशील मोदी खुद को बचाने के लिए नरेंद्र मोदी के आगे नाक रगड़ रहे हैं।
दरअसल जेडीयू से बागी हुए शरद यादव को जिस तरह से ‘साझी विरासत बचाओ सम्मेलन’ में विपक्ष का समर्थन मिला उससे उनके हौसले बुलंद हैं। इसी वजह से शरद ने नीतीश कुमार के आवास पर हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल न होकर पटना के कृष्ण मेमोरियल हॉल में अपनी अलग बैठक बुलाई। हालांकि इस पर जेडीयू नेता केसी त्यागी कहते हैं कि नीतीश कुमार को सभी 15 राज्य इकाइयों का समर्थन प्राप्त है। शरद यादव चुनाव आयोग जा रहे हैं तो जाएं, पूरी पार्टी नीतीश कुमार के साथ है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शरद यादव को कांग्रेस और भ्रष्ट आरजेडी गुमराह कर रही है। वहीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को लेकर त्यागी ने कहा है कि इस बैठक में शरद यादव पर अभी कोई फैसला नहीं होगा। अगर 27 को वो आरजेडी की रैली में लालू के साथ दिखाई देंगे फिर कार्रवाई होगी।
दूसरी ओर शरद यादव कैंप भी भरपूर समर्थन का दावा कर रहा है। शरद समर्थक अरुण श्रीवास्वत कहते हैं कि हम असली जनता दल हैं। हम दावा करने के लिए लड़ाई करेंगे। हमारे पास ज्यादा समर्थन है। बिहार से बाहर नीतीश को किसी का समर्थन नहीं है। ये वो भाजपा नहीं है जिससे हमने गठबंधन किया था। हम मंदिर और आर्टिकल 370 पर समझौता नहीं कर सकते। अगर लालू भ्रष्टाचारी थे तब नीतीश ने चुनाव जीतने के लिए उनसे हाथ क्यों मिलाया?
शरद यादव और अली अनवर का दावा है कि इस जन अदालत सम्मेलन में नीतीश कुमार के भाजपा के साथ गठबंधन से नाराज जेडीयू के कई नेता भी शामिल होंगे। शरद यादव अब इंतजार कर रहे हैं कि नीतीश कुमार पार्टी से बगावत के बाद उन्हें कब बाहर का रास्ता दिखाते हैं। सूत्रों की मानें तो उसके बाद शरद यादव चुनाव आयोग में जेडीयू का असली उत्तराधिकारी होने का वैसे ही दावा पेश करेंगे जैसे मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी पर अपने वर्चस्व को लेकर चुनाव आयोग में दावा किया था। इसमें फर्क सिर्फ इतना है कि जब मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी पर अपने वर्चस्व का दावा किया था तब कांग्रेस मुलायम सिंह यादव के खिलाफ और अखिलेश यादव के पक्ष में खड़ी थी और आखिर में फैसला अखिलेश यादव के पक्ष में आया था लेकिन इस बार कांग्रेस शरद यादव के साथ और नीतीश कुमार के खिलाफ खड़ी होगी। इतना तय है कि आने वाले दिनो में कांग्रेस शरद यादव के कंधों का इस्तेमाल करके नीतीश कुमार को निशाना बनाएगी और भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश करेगी।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *