विभागीय तालमेल की कमी में कपूरथला का एकमात्र सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट बंद

कपूरथला, (साहिल गुप्ता)। प्रदेश में हर आम खास व्यक्ति को मूलभूत सुविधाएं देने का वादा और दावे हर सरकार की और से किए जाते है, परंतु कुछ मामलों में कुछ विभागों में आपसी तालमेल की कमी के कारण बहुत बार आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कुछ ऐसा ही मामला कपूरथला में सामने आया है, जहां पर सरकारी विभागों में तालमेल की कमी के कारण कपूरथला का एक मात्र सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट पिछले कई महीनों से बंद हो गया है, जिस इस का गंदा पानी की निकासी की समस्या सामने आई है और इसका गंदा पानी पवित्र काली बेईं में पडऩे से यह समस्या और भी गंभीर हो गई है। कपूरथला नगर कौंसिल के अधीन आते शहर का एक मात्र सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट जोकि 1997 की सरकार के समय पर पास हुआ और सभी विभागों की कमेटियों की हरी झंडी के बाद लगभग 5 साल का समय निकाल जाने के बाद साल 2005 में इस ट्रीटमैंट प्लांट को शहर में गंदे पानी की निकासी के लिए लगभग 12 करोड़ की राशि खर्च कर होंद में लाया गया था, जिसके फलस्वरूप अब शहर का गंदा पानी पवित्र काली बेईं में मिल रहा है। कपूरथला के ट्रीटमैंट प्लांट के बंद होने के कारण शहरवासियों ने सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्य शैली की निंदनीय करते हुए मांग की है कि इस ट्रीटमैंट प्लांट को पुन: चालू किया जाए या इस गंदे पानी की निकासी का अलग से इंतजाम किया जाए। इस बंद पड़े ट्रीटमैंट प्लांट को लेकर जसपाल सिंह एडवोकेट पंजाब एड हरियाणा हाईकोर्ट और अकाली नेता हरजीत सिंह वालिया ने कहा की करोड़ो रुपए की लागत से बना ट्रीटमैंट प्लांट पिछले कई महीनों से बंद होने से जहां ट्रीटमैंट प्लांट पर काम करने वाले लेबर को वहां से हटा दिया गया है, उनका नुकसान उन गरीब परिवारों पर पड़ा है। दूसरा ट्रीटमैंट प्लांट करोडों का खर्च होने के बाद भी प्रसाशनिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण जो नुकसान हुआ है, वह सरकारी खजाने पर बहुत बड़ा बोझ है। जहां संत बलबीर सिंह सींचेवाल जिनके प्रयास से वातावरण के शुद्ध रखने के लिए अनेकों प्रयास किए जा रहे हैं। कपूरथला में बंद पड़ा ट्रीटमैंट प्लांट अपने आप में ही निमोशी भरा कदम है। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग करते हुए इस ट्रीटमैंट प्लांट को जल्द से जल्द शरू करने की मांग की है। दूसरी तरफ इस सारे मामले संबंधी डिप्टी कमिशनर कपूरथला मोहम्मद तैय्यब ने बताया की नगर कौसल विभाग की बकाया देनदारी सीवरेज बोर्ड को न होने के कारण अभी कुछ सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट नगर कौंसिल पुन: चलाए जा रहे हैं। दूसरा ट्रीटमैंट प्लांट की मशीनरी खस्ता हो चुकी है। इस प्लांट को पुन: शुरू करने के लिए प्रदेश सरकार को 28 करोड़ का एस्टीमेट (प्रपोजल) भेजा है और सरकार की अप्रूबल आने पर इसे फिर नए सिरे से चालू किया जा सकता है।

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