मजीठिया की असलियत जल्द सामने आएगी : कैप्टन

चंडीगढ़, (मैट्रो नेटवर्क)। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि विक्रम मजीठिया की असलियत जल्द ही सामने आने वाली है। वो अपने बचाव में एसएचओ का तबादला कराना चाहते हैं जो नहीं होगा। कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने कहा है कि बिक्रम मजीठिया की डी.जी.पी. से बैठक का उद्देश्य जनता का ध्यान पूर्व अकाली शासनकाल में दर्ज झूठे केसों से हटाना है जिनका खुलासा जल्द होने वाला है।
उन्होंने कहा कि अधिकतर झूठे केस मजीठिया के हलके से होने की शिकायतों को देखते हुए मजीठिया को भय है कि रंजीत सिंह आयोग, जो कि पूर्व सरकार के समय दर्ज झूठे केसों की जांच-पड़ताल कर रहा है, सच्चाई को उजागर करने वाला है। मजीठिया द्वारा कांग्रेस विधायकों की सिफारिशों पर एस.एच.ओज की नियुक्तियां करने के लगाए आरोपों को रद्द करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस व प्रशासनिक नियुक्तियों में कोई राजनीतिक दखलअंदाजी नहीं है। उनकी सरकार ने न तो किसी सियासी दबाव में किसी की बदली की है और न ही राजनीतिज्ञों के कहने पर ऐसा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि मजीठिया डी.जी.पी. से मिलने के लिए स्वतंत्र हैं परन्तु उनके कहने पर किसी एस.एच.ओ. का तबादला नहीं किया जाएगा। कैप्टन ने कहा कि मजीठिया को पता है कि अधिकतर झूठे केस उनके निर्देशों पर ही दर्ज हुए थे इसलिए वह अपना बचाव करना चाहते हैं क्योंकि एक बार उनकी संलिप्तता सामने आने पर कार्रवाई अनिवार्य हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व अकाली-भाजपा सरकार के समय जितने भी झूठे केस दर्ज किए गए हैं, उन मामलों में सभी लोगों को न्याय दिया जाएगा। रंजीत सिंह आयोग द्वारा इन केसों में जिस भी राजनीतिज्ञ की मिलीभगत की बात कही जाएगी, उसके खिलाफ मौजूदा सरकार द्वारा केस दर्ज किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की सुशासन के प्रति वचनबद्धता को दोहराते हुए कहा कि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को कानून के अनुसार स्वतंत्र रूप से कार्य करने की छूट दी गई है। वे किसी के दबाव में नहीं आएंगे। मुख्यमंत्री ने डी.जी.पी. को निर्देश दिए कि पुलिस फोर्स किसी भी प्रकार के दबाव में आए बिना कार्य करे।

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