लाइफ को मैनेज करना जिंदगी का सबसे अहम टास्क : राजविन्द्र भारती

जालन्धर, (मैट्रो ब्यूरो)। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के द्वारा जी.एन.ए. यूनीवर्सिटी में लाइफ मैनेजमैंट पर एक लैक्चर का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी राजविन्द्र भारती जी ने कहा कि लाइफ को मैनेज करना जिंदगी का सबसे अहम टास्क है। क्योंकि जिंदगी एक बार मिलती है, उसे कैसे जीना है यह हम पर निर्भर करता है। खुद पर अनुशासन कीजिए क्योंकि दूसरों पर अनुशासन करना आसान है लेकिन खुद पर अनुशासन करना बहुत मुश्किल। जीवन में अनुशासन की महत्वता बताते हुए साध्वी जी ने कहा कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। अनुशासन के बिना किसी भी समाज में अराजकता का माहौल व्याप्त होना स्वभाविक है। इसी तरह एक परिवार के सदस्य यदि अनुशासित न हो तो उस परिवार का अव्यविस्थत होना स्वभाविक है। सरकारी कार्यलायों में यदि कर्मचारी अनुशासित न हो तो वहां भ्रष्टाचार का बोलबाला हो जाएगा। इस तरह स्पष्ट है कि अनुशासन के बिना न तो परिवार चल सकता है न कोई संस्था और न ही कोई राष्ट्र। अनुशासन किसी भी सभ्य समाज की मूल भूत आवश्यकता है। अनुशासन न केवल व्यक्तिगत हित बल्कि सामाजिक हित के दृष्टिकोण से भी अनिवार्य है। बच्चे का जीवन उसके परिवार से प्रारम्भ होता है। यदि परिवार के सदस्य गलत आचरण करते है तो बच्चा भी उसी का अनुसरण करेगा। परिवार के बाद बच्चा अपने समाज व स्कूल से सीखते है। यदि उसके साथियों का आचरण खराब हुआ तो उससे उसके भी प्रभावित होने की पूरी संभावना बनी रहेगी। इसलिए यदि हम चाहते है कि हम अपने जीवन में एक सफ ल व्यक्ति बनें तो हमें अपने जीवन का अनुशासित करना होगाा। जीवन का एक लक्ष्य निधारित करना होगा। क्योंकि हैलेन कैलर से एक बार पूछा गया कि नेत्रहीनता तो बहुत बड़ा अभिशाप है न तो उसने कहा कि नेत्रहीनता से भी बड़ा अभिशाप है जीवन में किसी लक्ष्य का न होना।

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