करोड़ों की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा, सोई रही उपमुख्मंत्री की 1905 शिकायत वेबसाइट

kailash thakuralजालन्धर, 26 अगस्त (मैट्रो ब्यूरो)। जनसाधारण की शिकायतों के निवारण के लिए उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल तक सीधे शिकायत के लिए स्थापित की गई वेबसाइट 1905 punjab.gov.in भी सिर्फ शिकायत प्राप्ति की रसीद देने से अधिक कारगर साबित नहीं हो रही। शिकायतकर्ता को सिर्फ सूचना दी जाती है कि उसकी शिकायत सुनवाई के लिए भेज दी गई है लेकिन किसे भेजी गई है, कहां सुनवाई होगी, कितने वक्त में उसकी शिकायत का निवारण होगा, इस बारे में शिकायतकर्ता को कोई जानकारी नहीं दी जाती। इस स्थिति में इस विशेष वेबसाइट का होना न सिर्फ निरर्थक साबित हो रहा है अपितु कई बार जनधन या जनसम्पत्ति की सुरक्षा से जुड़ी शिकायतें करने वाले जागरूक नागरिक निराश हो जाते हैं और सरकारी सम्पत्ति लुट जाती है। ऐसा ही एक मामला जालंधर की उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के गांव चक हुसैना, लंबा पिंड में पड़ी करोड़ों रुपए की जमीन पर लैंड माफिया द्वारा किए जा रहे कथित कब्जे को लेकर सामने आया है। सामायिक कार्यकर्ता कैलाश ठुकराल ने 1905 वेबसाइट पर उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल को उक्त मामले की शिकायत की थी कि उक्त आबादी के खसरा नंबर 3245/2712/113 के अन्तर्गत आती 262 मरले भूमि और खसरा नंबर 3243/2712/113 के अन्तर्गत आती 61 मरला भूमि के रैवन्यू रिकार्ड के मुताबिक इसमें 285 मरले हिस्सा केंद्र सरकार काहै जबकि 38 मरले अन्य निजी व्यक्तियों का हिस्सा है। कैलाश ठुकराल का दावा है कि मौजूदा स्थिति यह है कि इस भूमि के कुल 323 मरला रकबे पर ही प्रभावशाली लोग सरकारी मशीनरी और स्थानीय सरकार की मिलीभगत से कब्जा कर रहे हैं और उक्त भूभाग पर चारदीवारी की जा रही है। बकौल कैलाश ठुकराल उन्होंने इस जनधन की सुरक्षा के लिए 1905 पर दोबार शिकायत और यादपत्र भेजा है। लेकिन उन्हें सिवाय शिकायत प्राप्ति की रसीद के आज तक कुछ जानकारी नहीं मिली और लगभग 15-16 करोड़ रुपए मूल्य की इस भूमि पर सरकारी मशीनरी की मिली भगत से प्रभावशाली लोग कब्जा किए जा रहे हंै। कैलाश ठुकराल ने उपमुख्यमंत्री से मांग की है कि वह इस अवैध कब्जे को रोकने तथा सरकारी सम्पत्ति की सुरक्षा के लिए इस की उच्च स्तरीय जांच तुरंत शुरू करवाए और किए जा रहे अवैध कब्जे का काम तुरंत प्रभाव से रोके जाने के आदेश डीसी जालंधर को सौंपे। कैलाश का दावा है कि यदि उनकी शिकायत झूठी साबित होती है तो वह किसी भी सजा को भुगतने के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि यह बहुमूल्य भूमि दोआबा कालेज चौक के निकटकमल अस्पताल से सटी गली में प्राइम लोकेशन पर है। जानकारी यह भी मिली है कि इस जमीन पर कब्जा करने वालों के सत्तापक्ष से जुड़े प्रभावशाली राजनीतिज्ञ शामिल है।

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