प्रेम मार्ग की साधिका मीरा एक क्रांति का नाम है : साध्वी भद्रा भारती

जालन्धर, (मैट्रो सेवा)। दिव्य ज्योति जाग्रति संंस्थान द्वारा अमन नगर में तीन दिवसीय श्री हरि कथा का आयोजन किया गया जिसके पहले दिन सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साधवी भद्रा भारती जी ने पहले दिन मीरा प्रसंग सुना जनसमुह को भाव विभोर किया और बताया कि प्रेम मार्ग की साधिका मीरा एक क्रांति का नाम है, सृष्टि की शाशवत एवं चिरस्थायी नियमावली के अनुसार रात्रि की परिणति प्रात:काल एवं अंधकार की परिणति सदा प्रकाश के रूप में ही होती है, इसी परिपाटी का पालन करते हुए जब-जब भी संसार में अज्ञानता का अंधकार पराकाष्ठता को प्राप्त हुआ ,आदित्य के रूप में एक दिव्यविभूती अपने पूर्ण तेज एवं ओज के साथ नभ से उदित होती है, ज्ञान के दिव्य आलोक से उज्जवल ऐसा ही काल आरंभ हुआ मिहिरा-अर्थात मीरा के जन्म से अमज से लगभग चार सौ साल पहले राजस्थान की मरूभुमि में प्रेम व भक्ति की अविरल धारा बहत मीरम के रूप में उनका प्रभु श्री कृष्ण की प्रतिमा से प्रेम उनके भक्ति भाव की प्राकाष्ठा को दर्शता है ,समय बीतने के साथ उनका प्रभु श्री कृष्ण के साथ प्रेम चांद की कलाओं के सामान बढता गया तभी प्रभु श्री कृष्ण प्रकट होकर कहते है कि मीरा तेरी अनन्त प्रीती के वशीभूत होकर मुझे बार आना ही पड़ता है, यदि तू वास्तव में मेरा दर्शन करना चाहती है तो मुझे तत्व से जान और मुझे उस रूप में केवल गुरू रविदास जी ही दिखा सकते है इसलिए तू उनकी शरण में जा और गुरू रविदास जी की कुटिया का मार्ग दिखा कर अंर्तधयान हो जाते है,यह संसार का शाश्वत नियम है। इस अवसर पर स्वामी सदानंद जी ,स्वामी सज्जनानंदजी ,ममता गुप्ता प्रधान हनुमान इराइटस ,पंजाब,शैली खन्ना ,श्री मेहदीपुरसेवा संघ नारायण सेवा समिति,शिव दुर्गा मंदिर (बेअंत नगर),डा बीडी शर्मा,डा. छाशि राणा.ने दीप प्रज्वलित कर कथा का शुभ आरंभ करवाया इस दौरान गुरू गोबिंद सिंह अैवीनयुमें स्थित श्री अयप्पा मंदिर प्रबंणक कमेंटी ने पहुचरार आरती कीसुरेद्र कुमार वर्मा मौजूद थे।

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