रणजी इतिहास के सबसे सफल विकेटकीपर बने नमन ओझा

इंदौर, (मैट्रो नेटवर्क)। मध्यप्रदेश के कप्तान और विकेटकीपर नमन ओझा ने गुरुवार को अपना नाम रणजी ट्रॉफी की रिकॉर्ड बुक्स के शिखर पर दर्ज करा लिया। वो रणजी ट्रॉफी इतिहास के सबसे सफल विकेट कीपर बन गए हैं। उन्होंने इंदौर में हैदराबाद के खिलाफ खेले जा रहे मैच में गुरुवार को 3 कैच लपके और अपने नाम ये रिकॉर्ड कर लिया। उनके नाम रणजी ट्रॉफी में कुल 336 शिकार दर्ज हो गए हैं जिसमें 297 कैच और 39 स्टंपिंग शामिल हैं। उन्होंने इस मामले में मुंबई के पूर्व रणजी क्रिकेटर विनायक सामंत को पीछे छोड़ा। सामंत ने रणजी ट्रॉफी में विकेट के पीछे 335 शिकार किए थे। जिसमें 298 कैच और 37 स्टंपिंग शामिल थी। नमन ओझा मौजूदा रणजी सीजन में रणजी ट्रॉफी में विकेट के पीछे तीन सौ कैच लपकने वाले पहले विकेटकीपर बनने से अब महज 3 कदम की दूरी पर हैं। इससे पहले वो 2 कैच लेते ही वो रणजी में सबसे ज्यादा कैच लेने का रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा। मैच में आवेश खान की कातिलाना गेंदबाजी के बाद अजय रोहेरा और रजत पाटिदार के नाबाद अर्धशतकों की बदौलत शुरूआती दिन हैदराबाद के खिलाफ पहली पारी में 44 रन की बढ़त हासिल की। मध्यप्रदेश ने टॉस जीतकर हैदराबाद को बल्लेबाजी का न्यौता दिया जो आवेश की गेंदबाजी के आगे महज 124 रन पर सिमट गयी। आवेश ने 12.3 ओवर में छह मेडन सहित 24 रन देकर सात विकेट हासिल किये। हैदराबाद के लिए यदि हिमालच अग्रवाल ने 69 रन (76 गेंद, आठ चौके और दो छक्के) की अर्धशतकीय पारी नहीं खेली होती तो यह स्कोर और कम हो सकता था। कप्तान पी रेड्डी ने 21 रन का योगदान दिया। टीम के तीन खिलाड़ी ही दोहरे अंक का स्कोर बना सके।
दिन का खेल खत्म होने तक मध्यप्रदेश ने अजय की 81 और रजत की 51 रन की नाबाद अर्धशतकीय पारी की बदौलत 1 विकेट पर 168 रन बनाकर पहली पारी में 44 रन की बढ़त हासिल कर ली है।

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