स्वर्ण मंदिर गलियारे के पास अवैध निर्माण, पंजाब को नोटिस

हाईकोर्ट सख्त : रोक के बावजूद पिछले एक साल में बने 100 नए होटल व सराय

चंडीगढ़, (मैट्रो नेटवर्क)। अमृतसर के स्वर्ण मंदिर गलियारा के पास अवैध होटलों एवं अन्य निर्माण न हटाने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए नए सिरे से एस.आई.टी. के गटन की मांग वाली अर्जी पर पंजाब सरकार औरक अमृतसर नगर निगम को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर बताया है कि हाईकोर्ट द्वारा समय-समय पर दिए गए आदेश के बावजूद अब भी यहां होटलों और सरायों का निर्माण कार्य जारी है। पिछले एक वर्ष में यहां लगभग 100 नए होटल बन गए हैं और 50 का निर्माण कार्य जारी है। इतना ही नहीं, हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद इन होटलों को बिजली, पानी और सीवर के कनैक्शन भी दिए गए हैं। लिहाजा इस मामले में नए सिरे से एस.आई.टी. का गठन कर करवाई किए जाने की हाईकोर्ट से मांग की गई है। अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के पास बड़े पैमाने पर अवैध होटल, सराय और गैस्ट हाऊस के निर्माण के खिलाफ सरबजीत सिंह वेरका ने 2010 में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में अपील थी कि ये अवैध निर्माण गलियारे से हटाए जाएं। कोर्ट ने वर्ष 2012 में गलियारे के पास किसी भी किस्म के नए निर्माण कार्य पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी।

पीपीसीबी और आईआईटी दिल्ली ने भी बताया था दुष्प्रभाव संबंधी
कोर्ट के आदेश पर पंजाब सरकार ने वरिष्ठ आई.पी.एस. अधिकारी राहुल तिवारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। एस.आई.टी. के गठन के बावजूद अवैध निर्माण तो रुके नहीं। वेरका ने 70 से अधिक होटलों, गैस्ट हाऊस और सरायों के नाम भी हाईकोर्ट को सौंपे, जिनका निर्माण कोर्ट के आदेश के बाद भी बंद नहीं हुआ।

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