मुख्यमंत्री के फैसले के बाद अब निलंबित अधिकारियों के विरुद्ध जांच का कोई औचित्य नहीं : कालिया

जालन्धर, (मैट्रो ब्यूरो)। पूर्व मंत्री मनोरंंजन कालिया ने कहा है कि जालन्धर की 93 अवैध इमारतों की विजीलैंस इन्क्वायरी वापस लेने के बाद अब मुख्यमंत्री को चाहिए कि वह जालन्धर म्युनिसिपल कार्पोरेशन के निलंबित किए गए 9 अधिकारियों के खिलाफ जारी विजीलैंस इन्कवायरी भी वापस ले लें और उन्हें बहाल कर दें, क्योंकि जब इमारतों की इक्वायरी बंद कर दी गई है तो इस इन्कवायरी का कोई औचित्य नहीं रह जाता। आज यहां जारी एक विज्ञप्ति में भाजपा नेता ने कहा कि हैरानीजनक है कि स्थानीय निकाय मंत्री विभाग में निर्णय करते है और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह उस पर पानी फेर देते है। उल्लेखनीय है 14 जून 2018 को स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू ने जालन्धर में 93 अवैध बिल्डिंगों कि लिस्ट बनाकर एक्शन लिया था और खुद 35 से 40 बिल्डिंगों कि जाँच भी की थी। उन्होंने इसके लिए 9 अफसरों को दोषी ठहराते हुए सस्पेंड भी किया था। कालिया ने सिद्धू को सलाह दी है कि वह स्थानीय विभाग में कोई भी निर्णय लेने से पहले मुख्यमंत्री से अनुमति अवश्य ले लिया करें।

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