डिप्स में गणित पर कार्यशाला आयोजित

जालन्धर, (मैट्रो सेवा)। एक बच्चा अपने जीवन की अहम शिक्षा स्कूल ग्रहण करता है तथा अध्यापक द्वारा बोर्ड पर लिखे शब्दों को ही नही बल्कि हर अंदाज़ को अपनाता है इसलिए हर अपध्यापकों को अपनी उतीर्ण शिक्षा तथा शिक्षा के तरीकों को ही नही बल्कि अपने व्यक्तित्व उच्च रखना चाहिए। यह शब्द रचना सागर की ओर से आई डा. माना पारती मालती ने डिप्स स्कूल अर्बन एस्टेट फे•ा-1 के प्रांगण में आयोजित गणित कार्यशाला दौरान कहे। उन्होंने कहा कि जो अध्यापक कक्षा में विद्यार्थियों को न बांध कर रख सके वह सही मायने में अध्यापन नही। अध्यापक तो वह है जो विद्यार्थियों के दिमाग को पढ़ते हुए कक्षा के माहौल को इस अनुसार ढाल ले कि उसका सिखाया पाठ विद्यार्थी ताउम्र न भूल पाएं। विद्यार्थियों को गणित के प्रति रूची बनाने तथा अध्यापकों को शिक्षा के नये तरीकों से अवगत करने के उदेश्य को मुख्य रखते हुए डिप्स स्कूल अर्बन एस्टेट के प्रांगण में रचना सागर के सहयोग से एक दिवसीय गणित कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में डा. मीना पारती मालती मुख्य अतिथि के रूप में रचना सागर के रीजनल हैड पाजीव गांधी तथी विशेष अतिथि के रूप में डिप्स चेन की सी.ई.ओ मोनिका मंडोत्रा उपस्थित हुई। यह कार्यशाला स्कूल की प्रिंसीपल नीलू बावा की देखरेक में आयोजित की गई। जिसका आगा•ा मुख्य वक्ता तथा डिप्स चेन की सीईओ द्वारा गए शब्द इतनी शक्ति हमें देना दाता से किया गया। कार्यशाला दौरान डा. मीना ने बताया कि अध्यापक को विद्यार्थियों के जीवन में भगवान से भी उपर का स्थान प्राप्त है । अध्यापक जो कक्षा में सिखाता है विद्यार्थी ता उम्र उसे ही ग्हण करके चलती है। इस दौरान उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित अध्यापकों को एक गेम खिलाई जिसमें उन्होंने उसे तीन भागों में विभाजित किया। प्रथम भाग यानी प्री-विंग जिसमें छात्र को जिस मिट्टी में ढाल दो वह उसी प्रकार का हो जाता है, दूसरा प्राईमरी विंग जिसे हम कुछ हद कर छात्र को पुन: मोड़ सकते है तथा तीसरा सीनियर विंग जिसमें हम केवल उन्हें कुछ करने के लिए कह सकते है मानना न मानना उनके हात में है।
इसलिए हमें विद्यार्थियों को शुरू से ही सही शिक्षा ग्रहण करवानी चाहिए। इस दौरान उन्होंने अध्यापकों को कई अन्य खेलों के ज़रिए कक्षा में रूची बनाए रखने के गुर सिखाए। इस अवसर पर डिप्स चेन के सभी स्कूलों के गणित के अध्यापक उपस्थित थे। इस दौरान स्कूल की प्रिंसीपल नीलू बावा ने आए हुए अतिथियों का धन्यवाद किया तथा कार्यशाला में सिखाई गई बातों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

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