500 सडक़ों के निर्माण के लिए भुगतान हुआ, लेकिन वे बनी ही नहीं

नई दिल्ली, (मैट्रो सेवा)। अमेरिका और फ्रांस के शोधकर्ताओं ने भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना (पीएमजीएसवाई) में भ्रष्टाचार उजागर किया है। शोध के अनुसार, योजना में जिन 500 सडक़ों को बनाने के लिए भुगतान किया जा चुका है, उनका निर्माण ही नहीं हुआ। देश के दूरदराज के इलाकों को शेष भाग से जोडऩे के बारे में यह खुलासा अमेरिका की प्रिंसटन यूनिवर्सिटी और फ्रांस के पेरिस स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के शोधकर्ताओं ने किया है। उनका यह शोध जर्नल ऑफ डढेवलपमेंट इकोनॉमिक्स में प्रकाशित हुआ है। शोध का नेतृत्व कर रहे प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के प्रोफैसर जैकब एन शेपिरो ने कहा कि योजना में भ्रष्टाचार के कारण 8 लाख 57 हजार ग्रामीण प्रभावित हुए, जिनके लिए वे सडक़ें बनाई जानी थीं। वर्ष 2000 में शुरू की गई इस योजना के तहत देशभर के तीन लाख गांवों को हर मौसम में काम आने वाली सडक़ों से जोड़ा जाना था। शोधकर्ताओं ने इस योजना में भ्रष्टाचार पर हैरानी जताई क्योंकि इसमें भ्रष्टाचवार को रोंकने के लिए हरसंभव उपाय किए गए थे।

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