राकेश राठौर को भी कटघरे में खड़े कर गए सिद्धू!

जालन्धर, (मैट्रो ब्यूरो)। जालन्धर नगर निगम में ईमानदार छवि के मेयरों में शुमार रहे माने जाते भाजपा की पंजाब प्रांत इकाई के महासचिव राकेश राठौर को भी नवजोत सिद्धू वीरवार को अपनी जालन्धर यात्रा में दागी कर गए, गौरतलब है कि पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू जब भाजपा में थे तो वह राकेश राठौर के संरक्षक थे और एक तरह से उन्हें राठौर का पोलिटीकल गॉड फॉदर माना जाता है। शुक्रवार को जालन्धर के अपने औचक्क दौरे के दौरान सिद्धू जालन्धर इम्पू्रवमैंट ट्रस्ट और नगर निगम जालन्धर में व्याप्त भ्रष्टाचार पर खूब बरसे। उन्होंने तो यहां तक कह डाला कि जालन्धर नगर निगम में पिछले 15 साल से आडिट नहीं हुआ और इस दौरान नगर निगम में सरकारी खजाने और जनता से उगाहे गए टैक्सों के धन का जमकर दुरूपयोग हुआ है। गौरतलब है कि नगर निगम जालन्धर के पिछले दस साल के दौरान अकाली-भाजपा गठबंधन काबिज रहा है और इसके पहले पांच वर्ष के कार्यकाल में सिद्धू के सर्वाधिक प्रिय मित्र रहे राकेश राठौर मेयर के पद पर रहे थे। सिद्धू के उक्त बयान से राठौर जो एक ईमानदार छवि के मेयर के रूप में प्रचारित होते रहे है, अप्रत्यक्ष रूप से कटघरे में खड़े कर दिए गए। सिद्धू के दावे का आधार खुद उनके शब्दों में सीवीसी की रिपोर्ट है। राठौर इस समय पंजाब में भाजपा-प्रदेश इकाई के सर्वाधिक शक्तिशाली महासचिव और एक प्रकार से डिफैक्टों प्रधान है और पुराने दिग्गज भाइपाइयों की आंखों में वह खूब खटक रहे है। सिद्धू के बयान के बाद अब राकेश राठौर के कार्यकाल से जुड़े गड़े मुर्दे उखाड़े जाने की संभावनाएं पैदा हो सकती है। हालांकि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि राठौर ईमानदार छवि के मेयर हरे है लेकिन यदि उनके कार्यकाल में जनता के धन का नगर निगम में जमकर दुरुपयोग हुआ है तो मेयर के रूप में अब तक सफल होने की छवि लिए फिर रहे राठौर की नेतृत्व कुशलता पर तो सिद्धू ने अवश्य ही जाने-अ-जाने प्रश्न खड़ा कर दिया है। गौर हो कि जालन्धर नगर निगम में राठौर के मेयर पद पर आसीन रहने के दौरान कोई घोटाला सामने नहीं आया और सुनील ज्योति के कार्यकाल में भाजपा के तत्कालीन तेज तर्रार पार्षद और अब जिला जालन्धर शहरी भाजपा यूनिट के उपाध्यक्ष मिंटा कोछड़ ने नगर निगम हाऊस कई स्टेशनरी इत्यादि से जुड़े घोटालों को उछाल कर अपनी ही पार्टी की छिछालेदारी की थी। भले ही राठौर के मेयर रहते उन पर किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे लेकिन दबी जुबान में उनके सियासी सेवक भाजपा के कुछ तब उनकी तरह ही न्यू कमर नेताओं को नगर निगम में कारोबारी संरक्षण मिलने जैसी बातें उठती रही थी। उनके कार्यकाल के अंतिम दिनों में नगर निगम परिसर से सटी शहर की शास्त्री मार्किट स्थित करोड़ों रुपए मूल्य की भूमि फिलीपीन्स की एक कम्पनी को सस्ते में फिश एक्वेरियम बनाने के लिए देने तथा स्पोट्र्स हब बनाने के लिए समय पूर्व प्रसिद्ध बल्टर्न पार्क क्रिकेट स्टेडियम को तोड़ देने की वजह से वह राजनीतिक आलोचना के घेरे में रहे थे। ‘गुरु’ नाम से चर्चित स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू राठौर के भी राजनीतिक गुरु रहे है लेकिन गुरु की बेबाकी जाने अ-जाने अपने ही चेले को कटघरे में खड़ा करके दागी कर गई है।

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