दिल्ली में राशन घोटाला, स्कूटर और बाइक पर ढोया गया राशन

नई दिल्ली, (मैट्रो नेटवर्क)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राशन घोटाला सामने आया है। कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (कैग) की रिपोर्ट में दिल्ली के राशन सिस्टम पर कई सवाल उठाए गए हैं। कैग रिपोर्ट के बाद दिल्ली की केजरीवाल सरकार सवालों के घेरे में आ गई है। विपक्षी पार्टियों ने केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है। वहीं केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा, ‘सीएजी द्वारा बताए गए भ्रष्टाचार और अनियमितता के हर मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कोई भी बख्शा नहीं जाएगा।’ साथ ही केजरीवाल ने एलजी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दिल्ली में पूरा राशन सिस्टम माफिया की चपेट में है। रिपोर्ट सामने आने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एलजी ने राशन की डोरस्टेप डिलीवरी प्रपोजल को रिजेक्ट कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक दिल्ली सरकार ने रिपोर्ट से जुड़े 50 मामलों को सीबीआई जांच के हवाले करने का फैसला किया है। राशन की चोरी करने वालों को बचाने की कोशिश की जा रही है। कैग रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि दिल्ली में राशन ढुलाई के लिए कागजों में जिन गाडिय़ों का जिक्र किया गया है वह जांच के दौरान स्कूटर और बाइक पाए गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बात पर संदेह है कि दिल्ली वालों को राशन बांटा गया है। इसके साथ ही माल ढुलाई के लिए जिन गाडिय़ों को दिखाया गया है वह फर्जी हैं। रिपोर्ट में सामने आया है कि राशन की दुकानों का लाइसेंस रखने वाले और कई ऐसे परिवारों के पास भी नेशनल फूड सिक्योरिटी कार्ड हैं जिनकी हैसियत नौकर रखने की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से राशन की दुकानों तक अनाज पहुंचाने के लिए स्कूटर, बस, ऑटो और बाइक तक का इस्तेमाल किया गया। इन व्हीकल से 1589.92 क्विंटल राशन पहुंचाया गया। ऐसे में क्या वाकई राशन की सप्लाई हुई, इस पर भी सीएजी ने संदेह जाहिर किया है और कहा है कि चोरी की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। अपनी रिपोर्ट में सीएजी ने एफसीआई के गोदामों से वितरण केंद्र तक कई गड़बडिय़ों का जिक्र किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में राशन वितरण व्यवस्था पूरी तरह माफिया के शिकंजे में है जिन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। रिपोर्ट में बाइक और दोपहिया वाहन से राशन वितरित करने का खुलासा हुआ है।
हालांकि जवाब में विभाग ने कहा था कि ऐसा टाइपोग्राफिक डेटा एंट्री की गड़बड़ी के कारण हो सकता है। हालांकि सीएजी ने इस रिपोर्ट को तर्कसंगत नहीं माना। रिपोर्ट में कहा गया है कि विभाग को मामले की जांच करनी चाहिए। सीएजी ने अप्रैल 2013 से मार्च 2017 के दौरान 70 में से 7 सर्कल के 3.10 लाख राशन कार्डों की जांच की। खाद्य विभाग ने जवाब दिया का फूड सप्लाई इंस्पेक्टर आवेदकों की ओर से दिए गए अड्रेस पर गया। 100 प्रतिशत वेरिफिकेशन संभव नहीं था।

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