दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान ने सत्संग करवाया

जालन्धर, (मैट्रो नेटवर्क)। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा अमृतसर रोड बिधिपुर आश्रम में सत्संग कार्यक्रम करवाया गया जिसमेंं सर्वश्री आशुतोष महाराज जी की परम शिष्या साध्वी सुखवीर भारती जी ने कहाकि हमारे संत सदैव ही उस प्रभु के चरणों में यही प्रार्थना करते रहे हैं कि प्रभु हमें सद्बुद्धि दे क्योंकि इसके अभाव में इंसान विनाश की ओर जा रहा है। कबुद्धि के कारण मानव हर कार्य को स्वार्थ के लिए गलत ही करता है। जैसे इंसान द्वारा बनाई अपनी खुशी की हर वस्तु जो उसे सुख प्रदान करें लेकिन वह उसे दुख ही प्रदान कर रही है। सद्बुद्धि के अभाव में आज इंसान ने खुद को बारूद के ढेर पर लाकर खड़ा कर दिया है। आज ऐसे अनेकों ही बारूदों का निर्माण हो चुका है जिनसे हमारी पृथवी का अनेक बार विनाश किया जा सकता है। कबुद्धि को अपने जीवन में धारण कर मानव हैवानियत का यामा पहन कर आज चारों ओर पाशविकता ही फैला रहा है।
आगे साध्वी जी ने कहा कि वर्तमान समय में अनेकों दुबिधाएं जन्म ले रही हैं। कहीं पर युवा वर्ग नशे की दल-दल में फंस कर अपने जीवन को नरक की और ले जा रहा है, कहीं पर संस्कारों से वहीन एक संतान अपने ही माता पिता का नरादर करती नजर आ रही है। आज घरों में लोग झगडे करते हुए नजर आते हैं। भाई-भाई का दुश्मन बना बैठा है, एक बहन, एक बेटी अपने ही घर में सुरक्षित नहीं है। आज समाज में धोखाधडी, चोरी, लूटपाट, रिश्वतखोरी की हा-हा कार मची हुई है। किसके कारण आज के इंसान के कारण और जिसका कारण मानव के भीतर सद्बुद्धि का अभाव ही है। आगे साध्वी जी ने कहा कि जब-जब मानव दिशाहीन हो चलने का प्रयास करता है तब-तब वह पतन की ओर जाता है। हमारे संतजन कहते हैं कि यदि आप अपने जीवन की गाड़ी को पटरी पर लाना चाहते हैं तो आवश्यकता है ऐसे इंजन की जो हमें अपनी मंजिल उस प्रमात्म तक पहुंचा दे। हमें जरूरत है ऐसे संत की, गुरू की जो हमें बह्र्मज्ञान प्रदान कर जिससे हमारी जो कबुद्धि है वह सद्बुद्धि में परिर्वतन हो जाए। इसी सद्बुद्धि के जाग्रत होने से हम समाज में सही मायने में मानव कहलाने योगय हो जाएंगे।

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