प्रचार में भी प्रस्तुति सत्यम शिवम सुन्दरम की हो : भागवत

सर्वहितकारी शिक्षा समिति के वैब टीवी सहित वैन साईट और पत्रिका के नव संस्करण का लोकार्पण किया

जालन्धर, (मैट्रो ब्यूरो)। प्रचार में यदि ‘सत्यम शिवम सुन्दरम’ के सिद्धांत का अनुसरण हो तो ही विज्ञान और तकनीक से प्राप्त मीडिया साधनों का सार्थक प्रयोग किया जा सकता है। यह शब्द राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने बुधवार को यहां कहे। वह संघ की शिक्षा सेवी संस्था विद्या भारती की प्रांतीय संचालक इकाई सर्वहितकारी शिक्षा समिति (रजि.) के प्रचार विभाग की वैब साईट के नये संस्करण, वैब टी.वी. और इसकी अंतर संस्थान पत्रिका सर्वहित संदेश के लोकार्पण के अवसर पर बोल रहे थे। यह कार्यक्रम संस्था मुख्यालय विद्या भवन के गोष्ठी कक्ष में किया गया। गौर हो कि डा. भागवत संघ की तीन दिवसीय उत्तर क्षेत्रीय बैठक के सिलसिले में विद्या भवन में आये हुए है। अपने अति संक्षिप्त उद्बोधन में भागवत ने कहा कि हमें राष्ट्र के लिए किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का प्रचार करना चाहिए और यह व्यक्ति या संगठन केन्द्रित न हो। उन्होंने कहा कि यदि प्रचार में वैज्ञानिक और तकनीकी क्रांति आई है तो हमें निश्चित तौर पर इसका इस्तेमाल करना चाहिए, क्यूंकि यदि अच्छे कार्यों का प्रचार नहीं होगा तो बुरे कार्य वह स्थान लेना चाहेंगे। इस अवसर पर समिति के महामंत्री अशोक बब्बर, संगठन मंत्री विजय नड्डा, प्रचार विभाग के प्रचारक राजेन्द्र के अलावा प्रांतीय प्रचार टोली के सदस्य और संघ से जुड़े अन्य गणमान्य बुद्धिजीवि और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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