स्कूल की परीक्षाएं शुरू हो गईं, नहीं आईं किताबें

जालन्धर, (मैट्रो ब्यूरो)। सत्र शुरू हुए पांच महीने बीत गए लेकिन शिक्षा विभाग अभी तक बच्चों को सारी किताबें मुहैया नहीं करवा सका है। छठी से आठवीं के लाखों बच्चे बिना पूरा कोर्स पढ़े ही इस बार परीक्षा दे रहे हैं। उनकी कई किताबें नहीं छपी हैं। छठी की गणित और हिंदी की किताबें नहीं है। तो सातवीं की फिजिकल एजुकेशन और हिंदी की किताबें नहीं छपी हैं। शिक्षा विभाग ने टीचरों से कहा कि वे पासआऊट बच्चों की पुरानी किताबें मौजूदा स्टूडैंट्स को मुहैया करवाए। कई जगह टीचरों ने ऐसा किया लेकिन बहुत जगहों पर बच्चों के पास किताबें नहीं है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने कागज खरीदने की प्रक्रिया लटकाई। फिर टेंडर लगाए, अगस्त में खोले तो केवल एक कम्पनी ने आवेदन किया। नियमानुसार उसे कांट्रैक्ट नहीं दिया जा सकता था। बोर्ड ने एजी को पत्र लिखा। उसके बाद अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। अगर बोर्ड अब प्रक्रिया शुरू करता है तो पहले कम्पनी फाइनल होगी, जो बोर्ड को कागज देगी, उसके बाद कम्पनी कागज पर वाटर मार्क लगाएगी, फिर बोर्ड प्रिंटरों को कागज देगा, इसके बाद किताबें छपेंगी और बंटेगी लेकिन इसमें काफी समय लगेगा और बच्चों को समय पर किताबें नहीं मिल पाएंगी।

आज होगी एस.सी. आयोग में सुनवाई

शिक्षा विभाग पहली से 8वीं तक की छात्राओं और एससीबीसी वर्ग के बच्चों को किताबें न मिलने के मामले में पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन राजेश बाघा इस मामले में बोर्ड व शिक्षा अधिकारियों को तलब कर चुके हैं। आज एससी आयोग में इस मामले की सुनवाई होगी।

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