छह सदस्यीय समिति करेगी हार्दिक-राहुल के खिलाफ आरोपों की जांच, निर्णय आने तक निलंबित रहेंगे खिलाड़ी!

नई दिल्ली, (मैट्रो नेटवर्क)। सेलेब्रिटी चैट शो कॉफी विद करण में हार्दिक पंड्या द्वारा महिलाओं को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी विवाद और गहराता जा रहा है। सीओए की सदस्य डायना इडुल्जी ने शुक्रवार को दोनों खिलाड़ियों को ‘आगे की कार्रवाई तक निलंबन’ की सिफारिश की है क्योंकि बीसीसीआई की विधि टीम ने महिलाओं पर इनकी विवादास्पद टिप्पणी को आचार संहिता का उल्लंघन घोषित करने से इनकार कर दिया है। इडुल्जी ने शुरुआत में इन दोनों को दो मैचों के लिए निलंबित करने का सुझाव दिया था लेकिन बाद में इस मामले को विधि विभाग के पास भेज दिया जबकि सीओए प्रमुख विनोद राय उनसे सहमत हो गए थे और निलंबन की सिफारिश कर दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक बीसीसीआई के नए संविधान के अनुसार राहुल और पंड्या के ऊपर लगे आरोपों की जांच 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति करेगी।
बीसीसीआई के नए संविधान( 21 अगस्त 2018 को रजिस्टर्ज) के नियम 16 के अनुसार बीसीसीआई के पास क्रिकेट खिलाड़ियों पर कार्रवाई करने का अधिकार है। संविधान के नियम 17 के अनुसार, किसी भी क्रिकेट खिलाड़ी के व्यवहार की जांच बोर्ड की सर्वोच्च संस्था( एपेक्स काउंसिल) कर सकती है और उसके खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई कर सकती है। सर्वोच्च संस्था का निर्णय अंतिम होगा। इसके बाद नियम 18 कहता है कि बीसीसीआई किसी खिलाड़ी के खिलाफ जांच नियम 41 में वर्णित नियमों के अनुरूप होना चाहिए। इसके लिए बीसीसीआई के संविधान के नियम 16,17, 18 और 41 को एक साथ पढ़ना आवश्यक है।एपेक्स काउंसिल में 6 सदस्य होते हैं जो नियम संविधान के नियम 6 के अंतर्गत बीसीसीआई के पदासीन अधिकारी होते हैं। इस समिति में बीसीसीआई अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष होंगे।

सीओए की सदस्य डायना इडुल्जी ने शुक्रवार को दोनों खिलाड़ियों को ‘आगे की कार्रवाई तक निलंबन’ की सिफारिश की है क्योंकि बीसीसीआई की विधि टीम ने महिलाओं पर इनकी विवादास्पद टिप्पणी को आचार संहिता का उल्लंघन घोषित करने से इनकार कर दिया है। इडुल्जी ने शुरुआत में इन दोनों को दो मैचों के लिए निलंबित करने का सुझाव दिया था लेकिन बाद में इस मामले को विधि विभाग के पास भेज दिया जबकि सीओए प्रमुख विनोद राय उनसे सहमत हो गए थे और निलंबन की सिफारिश कर दी थी। कानूनी टीम से राय लेने के बाद इडुल्जी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, ‘यह जरूरी है कि दुर्व्यवहार पर कार्रवाई का फैसला लिए जाने तक दोनों खिलाड़ियों को निलंबित रखा जाए जैसा कि (बीसीसीआई) सीईओ (राहुल जौहरी) के मामले में किया गया था जब यौन उत्पीड़न के मामले में उन्हें छुट्टी पर भेजा गया था।’

बोर्ड की विधि कंपनी सिरिल अमरचंद मंगलदास की सिफारिशों के जवाब में इडुल्जी ने लिखा, ‘कानूनी राय के आधार पर और इस मुद्दे से निपटने के लिए अंतिम प्रक्रिया तय होने तक, सिफारिश की जाती है कि संभावित खिलाड़ियों और टीम को तुरंत यह सूचना भेजी जाए।’ संभावना जताई जा रही है कि ऐसे में दोनों खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया से भारत वापस लौटना पड़ सकता है। यदि ऐसा होता है तो टीम मैनेजमेंट के सामने नई परेशानी खड़ी हो जाएगी।

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