चौंकाने वाला सर्वे : मुआवजे के लिए बुजुर्गों को बाघों का निवाला बना रहे हैं घरवाले

पीलीभीत, (मैट्रो नेटवर्क)। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के आसपास के इलाके में बाघों का आतंक दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। यहां के कुछ बाघों के कथित तौर पर आदमखोर बन जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। बीते 9 माह में तकरीबन 15 इंसानी जिंदगियां बाघ का निवाला बन चुकी हैं। ग्रामीणों में जहां बाघ के हमलों को लेकर दहशत व्याप्त है वहीं एक रिपोर्ट ने पूरे मामले को बेहद संदिग्ध बना दिया है। दरअसल वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के एक अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में संदेह व्यक्त किया है कि बाघों द्वारा निवाला बनाए गए लोगों की मौत के पीछे कुछ न कुछ गड़बड़ है। इसके लिये उन्होंने बाकायदा अध्ययन किया है जिसमें उन्हें चौकाने वाले आंकड़ें मिले हैं। वाइल्ड लाइफ ब्यूरो इस रिपोर्ट को विश्लेषण के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के पास भेजेगा जिसके बाद ही कुछ तस्वीर साफ हो पायेगी।
बता दें कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व से निकले बाघ अब तक 15 लोगों का शिकार कर चुके हैं। वहीं लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों ने परिजनों के लिए मुआवजे की मांग की है। हालांकि कई मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया भी जा चुका है। वहीं वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारी कलीम खान का कहना है कि जब इन मौतों का उन्होंने अध्ययन किया तो चौंकाने वाले नतीजे सामने आये हैं। इसमें ऐसा भी पता लग रहा है कि कुछ लोग मुआवजे के रूप में मोटी रकम लेने के लिये अपने घर के बुजुर्गों को जंगल में भेज देते हैं जिन्हें आसानी से बाघ अपना निवाला बना रहे हैं। उन्होंने इस रिपोर्ट को वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो को भेजा है जिसके बाद अब ब्यूरो की ओर से इस चौंकाने वाली रिपोर्ट का विश्लेषण करने के लिए इसे राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण को भेजने का फैसला किया गया है।

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