किसानों का कर्ज माफ करने के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को सरकार की स्वीकृति सिर्फ धोखा : कालिया

गुरदासपुर उप चुनाव के मद्देनजर वोटरों की आंखों में धूल झोंकने कोशिश

जालन्धर, (मैट्रो नेटवर्क)। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री श्री मनोरंजन कालिया ने पंजाब मंत्रिमंडल द्वारा किसानों के कर्ज माफ करने के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को दी गई स्वीकृति को किसानों के साथ धोखा करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह सर्वविदित था कि गुरदासपुर लोकसभा सीट का उपचुनाव सितम्बर-अक्टूबर 2017 में होने जा रहा है इसलिए कांग्रेस सरकार ने किसान कर्ज माफी का नोटिफिकेशन सितम्बर माह से पहले क्यों जारी नहीं किया। चुनाव आयोग द्वारा गुरदासपुर उप चुनाव की घोषणा व आदर्श अचार संहिता लागू होने के पश्चात जानबूझकर किसान के कर्ज माफी के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई क्योंकि सर्वविदिति है कि चुनाव आयोग इसे सहमति नहीं देगा। इसलिए यह एक तरह से किसान कर्ज माफी के मामले को लटकाने का तरीका है।
उन्होंने कहाकि किसान कर्ज माफी की स्कीम के तहत सभी उपायुक्त अपने जिलों में पहले जिन किसानो के कर्जे माफ होने है, उनकी सूची बनाएंगे। पहले पंजाब के सहकारिता बैंकों के कर्जे माफ होंगे फिर सरकारी वाणिज्य बैंक लिए जाएंगे और उसके बाद निजी बैंकों का नंबर आएगा।
श्री कालिया ने कहाकि अगर एक परिवार में एक से ज्यादा लोगों ने फसली कर्जा लिया हुआ है तो सिर्फ दो लाख रुपये तक का कर्जा माफ होगा। उन्होंने आगे कहा कि इसका मतलब किसान कर्ज माफी की सारी प्रक्रिया पूरी होते होते 3-4 साल लग जाएंगे क्योंकि 2017-18 कि बजट में किसान कर्ज माफी कि लिए सिर्फ 1500 करोड़ रुपये रखे हैं जबकि कुल किसान कर्ज माफी की राशि 20,000 करोड़ बनती है। 2 लाख रुपये तक की फसल कर्जा माफी प्रति किसान परिवार है न की प्रति किसान कि लिए। अगर किसान कर्जा माफी पालिसी की सैद्धांतिक तौर पर कैबिनेट द्वारा स्वकृति दी गई हो और बजट में भी इसका प्रावधान किया गया हो तो सम्बन्धित विभाग द्वारा किसान कर्ज माफी का नोटिफिकेशन सीधे तौर पर कर देना चाहिए था। कर्ज माफी के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को कैबिनेट द्वारा स्वकृति देने का कोई औचित्य नहीं बनता। कैबिनेट द्वारा ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को स्वीकृति देने की प्रक्रिया असल में गुरदासपुर उप चुनाव के वोटरों की आंखों में धूल झोंकने के इरादे से की गई है ताकि उप चुनाव में वोटरों को यह कहा जा सके कि किसान फसल कर्जा माफ हो गया है।

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