बाबा साहिब के दर्शन को समग्र रूप में समझना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी : शान्तिदूत

जालन्धर, (आकाशदीप)। बाबा साहिब डाक्टर भीमराव अम्बेदकर को किसी समुचित दृष्टिकोण से या किसी एक सोच की सीमा में बांधने की अपेक्षा उन्हें समग्र रूप से जानने की जरूरत है। ये शब्द आज यहां अखिल विद्यार्थी परिषद की जालन्धर महानगर इकाई द्वारा दयानंद आयुर्वेदिक कालेज में बाबा साहिब के महापरिनिर्वाण दिवस के संदर्भ में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में पत्रकार राकेश शान्तिदूत ने कहे।


चिकित्सा विज्ञान के छात्रों को सम्बोधित करते हुए शान्तिदूत ने कहाकि देश में विभिन्न पक्षों की अपनी अनिवार्यताओं की वजह से डाक्टर भीमराम अम्बेदकर को सिर्फ संविधान निर्माता के रूप में सीमित करने का प्रयास शुरू से ही होता आया है लेकिन बदलते दौर में अब यह स्थिति नहीं रहने वाली। शान्तिदूत ने कहाकि बाबा साहिब दुनिया के सबसे समृद्ध माने जाते भारतीय संविधान के रचयिता के अलावा एक वैश्विक सोच के अर्थशाी, कानूनविद, समाज चिंतक, राष्ट्रवादी, राजनेता और मानवतावादी थे। उन्होंने कहाकि वर्तमान पीढ़ी को बाबा साहिब के जन्मदिवस या महापरिनिर्वाण दिवस पर आयोजित किए जाने वाले समारोहों तक सीमित रहने की अपेक्षा उनके दर्शन को निरन्तर रूप से पढऩा चाहिए। बाबा साहिब के दर्शन को समझ कर राष्ट्र सेवा करना ही बाबा साहिब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस अवसर पर परिषद के संगठन मंत्री अतुल ठाकुर, नगर मंत्री साहिल राणा और अन्य उपस्थित थे।

गौरतलब है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने यह कार्यक्रम प्रदेश के विभिन्न जिलों में विभिन्न शिक्षण संस्थानों में आयोजित किए।

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