विनोद शर्मा का काव्यसंग्रह संघर्ष के साथ साथ लोकार्पित

जालन्धर, (मैट्रो नेटवर्क)। विनोद शर्मा के प्रथम काव्यसंग्रह “संघर्ष के साथ साथ” का लोकार्पण गत दिनों यहाँ प्रेस क्लब के सम्मेलन कक्ष में आयोजित समारोह में हुआ। इस समारोह में साहित्य क्षेत्र के नामचीनों ने एक साथ शिरकत की और विनोद शर्मा की रचनाओं की मुक्तकंठ के साथ साथ प्रशंसा की। हालांकि विनोद शर्मा दशकों से काव्य रचना करते आ रहे है और विभिन्न समाचार पत्रों साहित्यक पत्रिकाओं में उनकी रचनाये प्रकाशित होती आ रही है लेकिन संघर्ष के साथ साथ उनका प्रथम प्रकाशित काव्य संग्रह है।

लगभग 26 कविताओं वाले इस काव्यसंग्रह में विनोद शर्मा ने जहाँ अपनी रचनाओं को रचते समय काव्य रचना की पारंपरिक विधि से हट कर यथार्थ आधारित  अभिव्यक्ति अपनी कविताओं के माध्यम से की है वहीं  वेद, गीता, गुरुओं के बलिदान आधारित अपनी राष्ट्रीय संस्कृति पर गौरव व्यक्त करते हुए वर्तमान सामाजिक, राजनीतिक समस्याओं,व्यवस्था इत्यादि पर अपनी पीड़ा,संवेदना और अहसास को कविता के माध्यम से व्यक्त किया है। पुस्तक की एक अन्य खूबसूरती यह रही है कि विनोद शर्मा ने पंजाब के तमाम साहित्यकारों के साहित्य सृजन के प्रति काव्य कृतज्ञता व्यक्त की है औऱ पुस्तक पर पदमश्री सुरजीत पात्र और डॉक्टर रमाकांत शुक्ल की सार्थक और मान्यता प्रदान करती टिप्पणियां पुस्तक के प्रथम पृष्ठों में है।

 

इस काव्यसंग्रह के विमोचन की रस्म समारोह के अध्यक्ष मंडल, विशिष्ट एवं सारस्वत अतिथियों सहित अन्य ने की। इन में डॉक्टर हुकम चंद राजपाल,सुरेश सेठ, डॉक्टर सुधा जितेंद्र, डॉक्टर अशोक कुमार,सिमर सदोष, राकेश शांतिदूत , सोहन कुमार शामिल थे। पंजाब लेखक संघ द्वारा  प्रोफेसर मोहन सपरा तथा डॉक्टर अजय शर्मा के संयोजकतव में हुए इस समारोह में पुस्तक पर विशिष्ट वक्ता डॉक्टर तरसेम गुजराल, डॉक्टर विनोद कालड़ा और डॉक्टर शशि कुमार थे। बीज वक्तव्य डॉक्टर अनिल पांडेय का रहा। मंच संचालन श्री मनोज ने किया। इसअवसर विशेष उपस्थिति में डॉक्टर गीता डोगरा, दीपक बाली, डॉक्टर जसप्रीत कौर शामिल थे।

 

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