वार्ड नंबर 18 : कांग्रेसी प्रत्याशी का नामांकन रद्द करने के लिए याचिका

दो जगह वोट बनवाया लेकिन घोषणा पत्र में तथ्य छुपाने का आरोप, पूर्व पार्षद अर्जुन सिंह ने की शिकायत

जालन्धर, (मैट्रो ब्यूरो)। नगर निगम चुनाव के लिए वार्ड नंबर 18 से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी दलजीत सिंह बिल्ला के नामांकन पर खतरा मंडराने लगा है। हालांकि आज नामांकन पत्रों की जांच हो रही है, लेकिन इसी बीच वार्ड नंबर 18 से चुनाव लड़ रहे बलजीत सिंह प्रिंस के पिता पूर्व पार्षद अर्जुन सिंह पप्पी ने दलजीत बिल्ला के खिलाफ वार्ड नंबर 18 के रिटर्निंग अधिकारी के यहां एक याचिका दायर कर दी है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि दलजीत सिंह बिल्ला ने दो जगहों पर अपना वोट बनाया है। पप्पी ने अपनी शिकायत हल्फिया बयान और दावे की पुष्टि के लिए संबंधित वोटर लिस्ट के पन्नों की प्रतिलिपि भी याचिका के साथ अटैच की है। इस याचिका में पप्पी ने कहा है कि बिल्ला ने वार्ड नंबर 18 से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन भरे हैं। लेकिन दलजीत सिंह पुत्र दीदार सिंह नामक इस प्रत्याशी ने वार्ड नंबर 18 और वार्ड नंबर 19 दोनों जगहों पर अपने वोट बनवा रखे हैं। याचिका में बताया गया है कि दलजीत सिंह का एक वोट वार्ड नंबर 18 के बूथ नंबर 7 में सीरियल नंबर 777 के तहत मकान नंबर ई.जी., 1063 मोहल्ला गोबिंदगढ़ (जालन्धर) में बना है। जबकि दलजीत सिंह पुत्र दीदार सिंह नाम से ही एक अन्य वोट वार्ड नंबर 19 के बूथ नंबर 8 में सीरियल नंबर 751 के तहत मकान नंबर 38-बी ओल्ड जवाहर नगर में बना है। याचिका में यह भी कहा गया है कि दलजीत सिंह बिल्ला की पत्नी श्रीमती हरजिन्द्र कौर का वोट भी इसी प्रकार दो स्थानों पर बना है। यह वार्ड नंबर 18-19 में क्रमश: बूथ नंबर-7 सीरियल नंबर 780 तथा बूथ नंबर 8 सीरियल नंबर 752- के तहत बना है। अर्जुन सिंह का यह आरोप है कि दलजीत सिंह और उनकी पत्नी ने घोषणा-पत्र में इस बात की जिक्र नहीं किया। याचिकाकर्ता ने यह कहा है कि इस आधार पर दलजीत सिंह का नामांकन रद्द किया जाए। उधर, जानकारी मिली है कि दलजीत सिंह के नामांकन की इस समस्या को दूर करवाने के उद्देश्य से कांग्रेस विधायक राजेन्द्र बेरी निर्वाचन अधिकारी के पास पहुंचे थे, जहां मौजूद भाजपा नेता अमरजीत सिंह अमरी के विरोध करने पर दोनों में तू-तू-मैं-मैं हो गई।
उधर, कांग्रेस प्रत्याशी दलजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने अपनी पुरानी वोट कुछ साल पहले ही कटवा दी थी, लेकिन वह क्यों नहीं कटी, यह संबंधित विभाग को जानकारी होगी। हालांकि उन्होंने यह सब भाजपा की शरारत है। उन्होंने कहा कि पूर्व पार्षद अपने बेटे की सुनिश्चित पराजय देखते हुए नामांकन के समय ही घटिया हथकंडों पर उतर आए हैं।

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