वार्ड नंबर 19 बेरी-कालिया की प्रतिष्ठा का प्रश्न बनी

राजेन्द्र पत्नी के मेयर पद के लिए और कालिया खोई इज्जत बहाल करने के लिए लगाएंगे जोर

जालन्धर, (मैट्रो ब्यूरो)। जालन्धर केन्द्रीय निर्वाचन क्षेत्र से विधायक कांग्रेस नेता राजेन्द्र बेरी और इसी क्षेत्र से तीन बार एमएलए रहे पूर्व मंत्री भाजपा के मनोरंजन कालिया के लिए इन की गृह वार्ड प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है। बेरी के लिए यह सीट जीतना जहां उनकी पत्नी उमा बेरी को मेयर पद दिलाने के लिए दावा ठोंकने हेतु जरूरी है वही कालिया के लिए इस सीट को लेकर उनकी खोई हुई इज्जत बहाल करने से जुड़ी है। 1991 में एक बार इस वार्ड नंबर-19 से कालिया के पार्षद चुने जाने के बाद भले ही कालिया ने पार्टी और सत्ता के भीतर शीर्ष पदों पर मजे लूटे हो लेकिन उनकी गृह वार्ड में भाजपा प्रत्याशियों की निश्चित हार के अलावा कई बार तो जमानतें जब्त होने की नौबत तक आई है 1996 से अब तक बेरी या उनकी पत्नी ही इस वार्ड से बड़े-मतांतर को हसिल कर पार्षद बनते आये है। इस स्थिति को लेकर ािलया सदैव भाजपा कार्यकर्ताओं के रोष भरे निशाने पर रहे है। उन पर यह आरोप लगते आये है कि उनमें और राजेन्द्र बेरी में नीचे-ऊपर के समझौते के तहत भाजपा निरंतर यह सीट हारती आई है। लेकिन बेरी को विधायक चुनाव के लिए कांग्रेस टिकट मिलने के बाद से समीकरण बदलने लगे है। 2012 के विधानसभा चुनाव में पहली बार टिकट हासिल करके आये बेरी, कालिया से मामूली मतांतर से हारे थे लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में बेरी ने कालिया को प्रचंड मतांतर से धूल चटाई है। दोनों नेताओं की इस गृह वार्ड नं. से भाजपा के अरूण बजाज, संतोष गुप्ता, अमरजीत अमरी और अनिल सच्चर एक-के-बाद एक चुनाव हारे है। इस बार यहां से वर्षों पूर्व बेरी के करीबियों में शुभार रहे और बाद में कालिया के निकटतम घेरे के लोगों में शामिल हो गए अजय जगोता की बेटी किरण जगोता को कालिया ने पार्टी टिकट दिलाया है। इसका मुकाबला बेरी की पत्नी उमा बेरी के निवर्तमान पार्षद भी है से होगा। हालांकि गत नगर निगम चुनाव में भी कालिया ने उमा बेरी के सामने अपने जेबी नेता अनिल सच्चर को टिकट दिया था लेकिन इसके बावजूद वह खुलकर उनके प्रचार में नहीं कूदे। सच्चर को भी उमा बेरी से बड़ी हार झेलनी पड़ी थी। कालिया उस समय मंत्री थे। इस वार्ड में इस बार पार्षद के चुनाव में 1991 के बाद कालिया को बेरी से सीधे दो-दो हाथ करने की नौबत आन पड़ी है। ऐसा पहली बार हुआ है कि कालिया ने पार्षद पद के लिए भाजपा प्रत्याशी के चित्र वाला बोर्ड अपने चित्र सहित आदमकद साईज में अपने निजि निवास पर प्रमुखता से टांगा है। ऐसे क्यास लगाये जा रहे है कि कालिया इस बार पार्षद पद के इस चुनाव में अग्रिम मोर्चे पर आये है। माना जा रहा है कि जगोता राजनीतिक रूप से भाजपा में बजाज, अमरी या सच्चर से बहुत कमजोर है इसलिए कालिया को विस क्षेत्र में अपने भविष्य के लिए इससे कोई खतरा संभावित नहीं है। चूंकि जगोता की पारिवारिक पृष्ठभूमि कांग्रेस से रही है इसलिए यह आशा भी है कि वह कांग्रेस के वोट भी काटेंगे, लेकिन आम चर्चा है कि उमा बेरी के सामने खुद कालिया सीधे भी पार्षद का चुनाव लड़े तो उन्हें मुंह की खानी पड़ सकती है। फिलहाल भाजपा ने इस दांव पर जगोता की बेटी नई नवेली युवा महिला किरण को लगाया है।

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