भगवान गणेश जी को क्यों नहीं चढ़ाते तुलसी

आपने मंदिरों में तुलसी पंचामृत और भोग में तुलसी के पत्ते मिले हुए देखे होंगे। कहा जाता है कि जब तक भोग में तुलसी के पत्ते नहीं होते तब तक देव उस भोग को स्वीकार नहीं करते हैं, लेकिन एक देव ऐसे भी हैं, जिनके भोग में तुलसी के पत्ते वर्जित है। वो हैं प्रथम पूज्य गणेश। गणेशजी के भोग में कभी भी तुलसी के पत्ते को नहीं डाला जाता है। हालांकि तुलसी को देव वृक्ष के रूप में पवित्र माना जाता है। इसके बाद भी पौराणिक मान्यता के मुताबिक भगवान गणेश को पवित्र तुलसी नहीं चढ़ाना चाहिए। इसके पीछे एक पौराणिक कथा जुड़ी है। एक बार प्रथम पूज्य गणेश गंगा किनारे तप में लीन थे। इसी दौरान देवी तुलसी वहां पहुंची। वह गणेश को देखकर मोहित हो गई। तुलसी ने विवाह की कामना से उनका ध्यान भंग कर दिया।

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