नारी ने हमेशा ही प्रथम स्थान प्राप्त किया : साध्वी उर्मिला भारती

जालन्धर, (मैट्रो सेवा)। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा अमृतसर रोड पर स्थित बिधिपुर आश्रम में सत्संग कार्यक्रम करवाया, जिसमें सर्वश्री आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी उर्मिला भारती ने नारी सशक्तिकरण के बारे में बताया कि भारत देश में नारी ने हमेशा ही प्रथम स्थान प्राप्त किया है। बल, ज्ञान और विजय की देवी में केवल नारी को ही देवियों के रूप में माना गया है। आदिकाल से ही हमारे देश में नारी पूजा होती आ रही है, यहां अर्धनारीश्वर का आदर्श रहा है। अर्थात् पुरुष का आधा हिस्सा नारी है, क्योंकि अकेला पुरुष समाज को नहीं चला सकता। इसीलिए नारी का होना अति जरूरी है और नारी मां के रूप में हमें संसार का दर्शन करवाती है। इसके शुभ आशीर्वाद के साथ हम विजय प्राप्त करते है। मां ही प्रेम भक्ति, श्रद्धा की देवी है। तीनों लोकों में नारी की पूजा की जाती है। आज भी जीवन के अंदर विद्या बल और धन की प्राप्ति के लिए तीन देवियां भाव सरस्वती, लक्ष्मी औद दुर्गा की पूजा से आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। जहां नारी का सम्मान होता है वहां देवताओं का वास होता है। जहां नारी का सम्मान नहीं होता वहां किए गए कोई भी पुण्य कर्म, यज्ञ आदि व्यर्थ है। सही अर्थ में महिला सशक्तिकर्ण का अर्थ है औरतों का आत्मसम्मान देना और उनका आत्म बल बढ़ाना है। केवल एक दिन उनके नाम के लिए खुश होने का नहीं बल्कि प्रत्येक दिन महिला दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए।

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