महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति हों जागरूक : उर्मिला भारती

जालन्धर, (मैट्रो सेवा)। वायलैंस अगेेंस्ट वूमेन का पर्व विधिपुर आश्रम में मनाते हुए सर्वश्री आशुतोष महाराज की शिष्य साध्वी उर्मिला भारती ने कहा कि ये दिन हर वर्ष 25 नवम्बर को मनाया जाता है साध्वी ने बताया कि महिलाओं की समस्याओं के पीछे सामाजिक एवं परिवारिक कारक दोनों ही सक्रिय है, न केवल वह समाज द्वारा ही शोषित हो रही है अपितु पारिवारिक समस्याओं से भी पीडि़त हैं। साध्वी ने बताया कि ऊपर से देखने में नारी समाज में एक सम्मानजनक भूमिका निभा रही हैं किन्तु वास्तविकता में वह कहीं न कहीं किसी न किसी तरह से मानवीय शोषण की शिकार हो रही है। महिलाओं के विरूद्ध हिंसा को राकने के लिए अनेक उपाय किये जा रहे हैं पर जरूरत है इन्हें राष्ट्रीयव्यापी रूप में सक्रियता प्रदान करने की। उन्होंने कहा कि वैदिक काल की महिलाओं को समान सम्मान और स्वतंत्रता प्राप्त थी, सामाजिक मस्तिष्क पर अद्र्धनारीश्वर रूप स्थापित था। शिव और शक्ति की बराबर अराधना की जाती थी। इसकी ज्वलंत प्रमाण थी गार्गी, सुलभ्भा, भारती देवी और रानी झांसी। अब महिलाओं को अपनी ऐसी छवि बनाने के लिए खुद को जागरूक करना होगा अपने आचरण और अधिकारों को दृढ़ करना होगा। यदि महिलाएं अपने अस्तित्व के प्रति जागरूक हो जाएगी तो समाज मे महिलाओं का दर्जा बदल जाएगा और उन्हें सम्मान हासिल होगा।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *