डिप्स में कार्यशाला : स्वयं के भीतर बचपन जीवित रखना ही प्री-विंग टीचिंग का मूल मंत्र

जालन्धर, (मैट्रो सेवा)। डिप्स एजुकेश्नल रिसर्च एंड डिवैल्पमैंट बोर्ड द्वारा नए सैशन में प्री-विंग के टाईनी-टाट्स को नए तरीकों से शिक्षा प्रदान करवाने के उद्देश्य को मुख्य रखते हुए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन डिप्स स्कूल अर्बन एस्टेट के प्रांगण में किया गया जिसमें डिप्स चेन की सीईओ मोनिका मंडोत्रा विशेष अतिथि तथा डिप्स प्री-विंग एडवाइजर मोनिका मेहता मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुईं। कार्यशाला का आगाज करते हुए प्री- विंग एडवाइजर मोनिका मेहता ने सभी अध्यापकों को एनर्जी से भरपूर व्यायाम करवाए। उन्होंने कहा कि यदि हम बच्चों में सुबह ही इस प्रकार की चुस्ती भरें तो बच्चे सारा दिन खिले-खिले रहते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ किताबी ज्ञान देना या कक्षा में अनुशासन सिखाना ही अध्यापक का कर्तव्य नहीं अपितु बच्चों को खुला, आत्मविश्वासी तथा खुद की समझ बूझ से चलने वाली दिनचर्या प्रदान करना एक प्री-विंग अध्यापक का सर्वोपरी दायित्व है। लगभग 175 अध्यापकों द्वारा इस कार्यशाला में हिस्सा लिया गया तथा प्रत्येक अध्यापक को मंच पर अपनी बात रखने का मौका दिय गया। इस दौरान अध्यापकों को कक्षा के बाहर मैदान में, बाग में, विभिन्न प्रकार की मनोरंजन तथा ज्ञानवर्धक छोटी-छोटी गतिविधियों से अवगत करवाया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जहां अध्यापकों को मनोवैज्ञानिक तरीके से बच्चों के स्तर पर आकर उन्हें जानने तथा सिखाने के तरीकों के बारे में बताया गया वहीं अध्यापकों को यह भी एहसास करवाया गया कि उनका सहज स्वभाव मीठा बोलना, अपने कार्य में निपुण होना व नए-नए प्रयोगो से अपने अध्यापन में ताजगी बनाए रखना आज के समय में अति आवश्यक है।
इस अवसर पर डिप्स चेन की सीईओ श्रीमति मोनिका मंडोत्रा ने अध्यापकों को जोर देते हुए कहा कि एक अध्यापक का जितना प्यारा रिश्ता बच्चों से होता है उतना ही सौहादर्यपूर्ण रिश्ता अभिभावकों के साथ भी होना चाहिए ताकि अपने बच्चों को स्कूल भेजते वक्त अभिभावक पूर्णत: संतुष्ट हों। उन्होंने कहा कि आगे ही बढ़ते जाएंगे, मंजिल को हम पाएंगे। हर राह तय करके आसमान तक जाएंगे।

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